Bengaluru Water Crisis: कैसे निपटे इस बला से?

5 Min Read

Bengaluru Water Crisis: कैसे निपटे इस बला से?

होने को 22 मार्च को World Water Day है, लेकिन हमारे भारत की सिलिकॉन वैली आजकल सूखे से ग्रस्त है। यहां आजकल लोग स्टार्टअप के बारे में सोचने के बजाय, आज पानी कब लेने जाना है यह सोच रहे है।

यहां रह रही भवानी मणि मुथुवेल का कहना है की, जिन्हें अपने पूरे परिवार के लिए, पूरे हफ्ते की जरूरतों के लिए केवल पांच 20-लीटर पानी की बाल्टी ही मिल पा रही है।

हाल ही की रिपोर्ट के अनुसार, कि यहां 6,900 बोरवेल सूखे पड़े हैं, उप्पर से 260 करोड़ लीटर की दैनिक पानी की जरूरत है, जो शहर की पानी की कमी के कारण की अच्छे से व्याख्या करता है।

बेंगलुरु की जनसंख्या 2011 में 87 लाख से बढ़कर 2021 में अनुमानित 1.26 करोड़ से ज्यादा हो गई है, जिससे इसके जल संसाधनों पर बिहार दबाव पड़ा है। उप्पर से जलवायु परिवर्तन ने स्थिति को और ज्यादा खराब कर दिया है, कम वर्षा के कारण भूजल स्तर कम हो गया है।

Indian Traditions need software update

क्या किया जा सकता है?

इस Bengaluru Water Crisis या किसी भी पानी की समस्या से निपटने के लिए, यहां कुछ चीजें की जा सकती है।

.

1. Sensor-based leak detection systems:

ऐसे ही एक समाधान में जल संसाधनों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए सेंसर-आधारित रिसाव का पता लगाने वाली और AI-powered monitoring का इस्तेमाल शामिल है। ये डिवाइस पानी के लीक की तुरंत पहचान करने में मदद करती हैं, जिससे पानी की बर्बादी कम होती है। इसके अतिरिक्त, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चलने वाली मॉनिटरिंग सिस्टम्स पानी के इस्तेमाल के पैटर्न में इनसाइट देते हैं। ज्यादातर घरों में होने को यह डिवाइस मिल जाती है, पर सरकार को इस अनिवार्य करना जरूरी है।

.

2. Rainwater harvesting:

बारिश का पानी स्टोर करने जैसी पुरानी चीजें अब फिर से ट्रेंड में आ रही है, जो सदियों से भारतीय विरासत का हिस्सा रही है। इन तकनीकों को आधुनिक बनाकर और उन्हें शहरी जल प्रबंधन रणनीतियों में एकीकृत करके, शहर अपनी जल आपूर्ति बढ़ा सकते हैं और बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम कर सकते हैं।

.

3. Desalination technology:

हालांकि अभी भी भारत में अपनाने के प्रारंभिक चरण में है, पानी की कमी को कम करने के लिए लम्बे समय के लिए समाधान के लिए यह एक उम्मीद जगाता है। इसका इस्तेमाल करके, समुंद्र के पास रहने वाले शहर समुद्री जल को पीने और दूसरे कामों के लिए मीठे पानी में बदल सकते हैं।

.

4. Fog harvesting:

यह तकनीक कोहरे से नमी को पकड़ने के लिए विशेष जाल संरचनाओं का इस्तेमाल करती है, जो बेंगलुरु की जलवायु में पानी का एक संभावित व्यवहार्य स्रोत है।

Water Air bubble

5. Air to water harvesting:

उभरती प्रौद्योगिकियां परिवेशी वायु से पीने योग्य पानी निकालना संभव बना रही हैं, जो बेंगलुरु के लिए संभावित भविष्य का समाधान पेश करती है।

.

6. Wastewater Treatment:

यह उन्नत विधि अपशिष्ट जल को उच्च मानक पर उपचारित करने के लिए झिल्ली का उपयोग करती है, जिससे इस्तेमाल योग्य पानी का एक नया स्रोत बनता है।

.

7. Greywater recycling systems:

ये सिस्टम सिंचाई जैसे गैर-पीने योग्य उपयोगों के लिए शॉवर और सिंक से घरेलू अपशिष्ट जल का उपचार कर सकते हैं, जिससे ताजे पानी के स्रोतों पर दबाव कम हो जाता है।

How to Choose the Right Water Purifier in India: Making the Important Right Choice
How to Choose the Right Water Purifier in India: Making the Important Right Choice

जैसा कि हम World Water Day के संदेश पर विचार कर रहे हैं, हमें बेंगलुरु के जल संकट को दूर करने के लिए टेक्नोलॉजी की क्षमता को पहचानना चाहिए। उप्पर से जब बात हो रहीं हो भारत को सिलिकॉन वैली बेंगलुरु की, जो की नई टेक्नोलॉजी गड़ है, हम काफी उम्मीदें कर सकते है।


AI-Labeled Video on YouTube: अब यूट्यूब झट से पहचान जायेगा यह है AI वीडियो

AI-Labeled Video on YouTube: अब यूट्यूब झट से पहचान जायेगा यह है AI वीडियो

 

UPI in Ration Shop: चल नहीं पायेगा UPI अब सरकारी राशन की दुकानों पर 

UPI in Ration Shop: चल नहीं पायेगा UPI अब सरकारी राशन की दुकानों पर 

TAGGED:
Share this Article
Leave a comment