Big Course Scam Exposed: क्या यह कोर्स नकली है?

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Big Course Scam Exposed: क्या यह कोर्स नकली है?

यूट्यूब, गूगल, ट्विटर, इन्स्ताग्राम, फेसबुक, या कमेंट्स ऐसी कोई जगह नहीं बची जहाँ पर लोग विवेक बिंद्रा के इस कोर्स को खरीद कर ठगा हुआ महसूस नहीं कर रहे। इन लोगों का कहना है की, हमने इस कोर्स के लिए पैसे दिए, जिस से हमें कोई वैल्यू नहीं मिली।

vivek bindra course scam student comments

पहले भी, इन फेक गुरुओं के बारे में कंप्लेंट हुई है, कि वो लोग मनी मेकिंग के नाम पर ऐसे कोर्स बेच रहे हैं। अब चाहे वो अमित पारिक, राहुल मनन, देव गाद्वीगड्वी या विवेक बिंद्रा ही क्यों ना हो। जहाँ पर संदीप माहेश्वरी की वीडियो में लोगों ने कंप्लेंट की, कि हमें कोर्स बेचा गया और उसमें कोई वैल्यू नहीं थी।

कमाल की बात तो यह है, यह ट्रैप पूरी दुनिया में तो फैला ही हुआ है ही, लेकिन इंडिया में यह सबसे ज्यादा है। ईलर्निंग या ऑनलाइन कोर्सेस का नेट वर्थ 2018 में, 190 बिलियन डॉलर का था, अंदाजा लगाया जा रहा है कि, 2029 तक यह 319 बिलियन डॉलर का हो जाएगा। गूगल पर 32% वेबसाइट केवल ऑनलाइन कोर्सेस को ही बेच रहे हैं, यूट्यूब पर हर छठी-सातवीं वीडियो केवल मेक मनी ऑनलाइन कोर्सेस को प्रमोट कर रही है। कमाल की बात तो यह है की इंडिया में, अमीर कैसे बने, यह बता कर लोग अमीर बन रहे हैं।

 

पूरी Video देखने के लिए यहाँ क्लिक करें!

 

क्या यह कोर्स नकली है?

आपको बिजनेसमैन बनाने के लिए, यह मनी मेकिंग गुरूज के कोर्स या 10 डे एमबीए जैसे कोर्स क्या नकली है? तो जवाब है नहीं, यह नकली नहीं है पर यह एक व्यापक कोर्स है।

आपको वैसा ही ज्ञान कई बार तो इससे बेहतर भी, आपको इंटरनेट/यूट्यूब पर फ्री में मिल रहा है। और इस बात को बिना बताये, वो आपको कोर्स के नाम पर यह बेच रहे हैं।

 

कैसे करता है यह ट्रैप काम?

तो यह सवाल ज़रूर मन में उठता है, की कैसे एक नार्मल IQ वाला व्यक्ति इस कोर्स को खरीद लेता है? आखिर कैसे इस ट्रैप में फंस जाता है? जिस तरह की सयिकोलॉजी का इस्तेमाल ज्योतिषी करते हैं, वैसा ही सयिकोलॉजी कुछ ये फेक कोर्सेज करते है।

 

1. थर्स्ट ट्रैप (Thirst Trap)

Thirst Trap

जिसमें सबसे पहला है थर्स्ट ट्रैप। इसका मतलब की एक इन्सान जो पहले ही अमीर बनने का भूखा है, तो यह ह्यूमन की एक कॉमन प्रॉब्लम को टारगेट करके उसे थोड़ा सा ट्रिगर करते हैं। जैसे यह बताते हैं, की आप 9 से 5 की जॉब में फंसे हुए हो, लेकिन आप कार नहीं खरीद सकते, या फिर आप बैठे-बैठे पैसे कमाना चाहते हो काम करने की कोई जरूरत नहीं है, या आप अमीर बनना चाहते हो मेरी तरह, जैसी बातें। जेन Z को वैसे भी लगता है, कि एक ना एक दिन वो जरूर अमीर बन जाएंगे।

यह लोग बताएँगे की मैं बहुत गरीब था, मेरे पास कुछ नहीं था और अब मेरे पास लाखों रुपए है। यह सुन के कोई भी सोच लेता है, यार यह इतना गरीब था और अब इतना अमीर बन गया, तो कोई तो बात ज़रूर होगी। और यहाँ सबको अमीर बन ना है, जिसके बाद से उनके मन में भी एक छोटी सी जोत जग जाती है, जहां पर वो इस कोर्स में थोड़ा-थोड़ा इंटरेस्ट लेना शुरू कर देते हैं।

 

2. बूबी ट्रैप (Booby trap)

A rich man in private jet

दूसरे नंबर पर आता है, बूबी ट्रैप। जिसे लाइफ स्टाइल का शो ऑफ करना भी कह सकते हैं। यहाँ पर वो दिखाते हैं कि मेरे पास यह कार है, मैं यहाँ घूमता ही रहता हूं, मेरे पास तो बंगला है, और अपने फेक अकाउंट दिखाते है। एक तरह से एक पूरी झूठी लाइफ का मॉडल आपके सामने ला कर रख देंग।

मलेशिया के इन्फ्लुएंसर ने किराए पर जेट लिया, सिर्फ यह शो ऑफ करने के लिए की मैं कितना पैसा कमाता हूं की मेरे पास तो प्राइवेट जेट तक है। इसी तरह के महंगे कपड़े, महंगे पर्स और आपके चारों तरफ एक कंफर्मेशन बायस क्रिएट कर देते हैं, कि हाँ, यह व्यक्ति तो सच में कमा रहा है।

यह लोग अपने कोर्स को बेचने के लिए, ऐसे-ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जैसे 10 डे एमबीए, फाइनेंशियल इंडिपेंडेंट या अजीब अजीब चीजों के मोटे-मोटे वर्ड। ऐसे में हमें भी लगता हुआ की इस व्यक्ति ने तो क्या कमाल का ही ज्ञान प्राप्त कर लिया।

यह लोग बहुत ही इंप्रेसिव ऐड बनाते हैं, जिसमें हर कोई सिर्फ अमीर ही अमीर ही दिखाई देता हैं। ऐसा ही कुछ एप्पल या रोलेक्स की कंपनी करती है। वो अपने प्रोडक्ट को सिर्फ रिच लुक के साथ दिखाते हैं, कि यह गरीबों के लिए नहीं है। और आप एक गरीब हो जो इनके जैसे बनना चाहते हैं। तो इस तरह की ऐड बना कर, यह हमारे दिमाग में डाल देते हैं की, क्या ही लाइफ स्टाइल है, और उस ऐड को फेसबुक, यूट्यूब, इन्स्ताग्राम, हर जगह रन करवाया जाता है। जहाँ पर आपको एक कैची लाइन देते हुए, निचे दिए गए लर्न मोर के ऑप्शन को क्लिक करवाते है।

 

3. फ्री ट्रैप

Free Webinar

हाँ से आपका कन्विंसिंग मोड शुरू हो जाता है, पर फिर भी आप जानते हो कि, यह फेक हो सकता है। यह बात भी यह गुरु जानते हैं और आपके कॉग्निटिव थिंकिंग को तोड़ने के लिए, यह एक वर्ड यूज करते हैं ‘फ्री’। जहाँ पर यह कहते हैं, कि हम फ्री में एक सेशन, वेबीनार, या रजिस्ट्रेशन दे रहे हैं, वो भी केवल 10 या 15 दिन के लिए। जिसके बाद यही चीज़ आपको फ्री में नहीं मिलेगी।

यह फ्री शब्द को इस तरह कैश करते हैं, जिस से आपका कॉग्निटिव थिंकिंग आखिर टूट ही जाती है। आप सोचते हो की फ्री में दे रहे है तो क्या ही दिक्कत है, एक बार जा कर देख लेने में क्या ही हर्ज़ है।

ऐसे में पहले के बिछाये सरे ट्रैप वर्क कर जाते है। यहाँ पर आप उनके फ्री के वेबीनार को रजिस्टर कर लेते हो। लेकिन मेरी जान, फ्री में कुछ नहीं मिलता है इस दुनिया में, अगर फ्री में आपको कुछ बेचा जा रहा है, तो प्रोडक्ट बन कर अब आप बिकोगे।

 

4. एको चैम्बर ट्रैप

Manipulation

अब जब रजिस्ट्रेशन करके आप इनके फ्री वेबीनार में पहुंच गए, तो यहाँ पर बुलाने का इनका असल उद्देश्य आपको और कनवेंस करने का है, क्योंकि आप जो ऐड देख रहे थे वो बहुत छोटी थी, केवल 30 सेकंड या 1 मिनट की, जहाँ पर आपको पूरी तरह कनवेंस करना उतना आसान नहीं था। लेकिन अब आप उनके पास पुरे 1 घंटे या डेढ़ घंटे लिए हो जो उनके लिए काफी है।

यह आपके लिए एक एको चेंबर या एक बैंड वेगन इफेक्ट क्रिएट करेंगे, जहां पर आपको कनवेंस करने के लिए यह सारी साइकोलॉजी लगा देंगे। यहाँ पर वो बताएंगे, की मैंने जो कमाया वो कैसे कमाया है? मैंने यह बुक लिखी, मेरे यह अकाउंट के प्रूफ हैं।

तो एक तरह से जो कुछ उनकी ऐड में बताया गया था, वही अब डिटेल में बताया जाता है। फिर वही यह मेरी कार है, यह मेरी नेटवर्थ, पहले मैं वहाँ रहता था, पहले मैं गरीब था। कुछ लोग तो इसे प्रूफ करने के लिए कई पॉपुलर चेहरे भी आपके सामने लाए जाएंगे, जिन्हें ज़ाहिर तौर पर पैसे दे कर लाया जाता है, जहाँ पर इन लोगों के इंटरव्यू, सेशन, पॉडकास्ट आपको दिखाए जायेंगे।

इन सबको शामिल करके आपके सामने इस तरह का एको चेंबर बना दिया जाएगा, की आपको लगेगा यह तो झूठ नहीं हो सकता। जहाँ पर 50-40% लोग तो वहीं इस कोर्स को खरीदने के लिए तैयार हो जायेंगे, और जो तैयार नहीं होते, तो यह फिर टारगेट करते हैं इंडिविजुअल लोगों को।

 

5. सेल्फ ब्लेमिंग ट्रैप

Self-Blaming

यह लोग ट्रेंडिंग टॉपिक पर अपने कोर्स बनाते हैं, और अधिकतर लोग इनके कोर्स को खरीद लेते हैं। अब कोर्स को खरीदने के बाद, लोगों को पता चलता है कि भाई इसमें तो कोई वैल्यू ही नहीं थी। उसमें बताई गयी बातें वैसे तो झूठ या गलत नहीं, पर जितने पैसे दिए हैं, उतनी की भी नहीं।

इस कोर्स को लिए गए एक बच्चे ने इस पर विडियो बनाई, और उनका कहना है:

“आप उस कोर्स को सीखोगे तो आपको लगेगा, की यार मैं कुछ स्पेशल नहीं सीख रहा हूं। आप जो क्लेम कर रहे हो, यह जो कोर्स क्लेम करता है, बिल्कुल भी खरा नहीं उतरता। मैं एक भी इन्सान को रिकमेंड नहीं करूंगा, जो इस वीडियो को देख रहा है, कि आप इस कोर्स को बाय करो”

अब यह कहते हैं, आप जितनी मेहनत करोगे, उतने पैसे कमा लोगे, मेहनत तो करनी ही पड़ेगी, जिस से लोगों को लगता है, की हम ही इस कोर्स से नहीं कमा रहे क्योंकि एक-दो बंदे तो कमा रहे हैं। अब हालाँकि यह पता नहीं वो सच में कमा भी रहे हैं या नहीं, लेकिन यह लोग तो एडवर्टाइजमेंट कर देते हैं। तो व्यक्ति को लगता है, कि शायद मैं ही उतनी मेहनत नहीं कर पा रहा हूं, लेकिन कोर्स पर कोई सवाल नहीं उठा पाता, कि शायद कोर्स में ही कोई दिक्कत हो सकती है।

अब मुझे बताओ, अगर किसी माली ने 100 गमले लगाए हैं, जिसमें से 2 गमले खिल गए और बाकी के 98 गमले मर गए, तो माली की गलती होगी ना? पर यहाँ तो माली पौधों पर इल्जाम लगा देता है, कि गमलों तुमने ही मेहनत नहीं की, यह 2 गमले भी तो खिले थे ना।

अब कोर्स खरीदने वाले लोग, सेल्फ ब्लेमिंग में आ जाते हैं और कुछ नहीं बोल पाते। अगर कोई बोलना भी कुछ ऐसे हैं, तो उनको पता नहीं होता आखिर कहाँ बोलना ह, 10-12 के यह बच्चे होते हैं। तो इस तरह कोई इन कोर्स पर सवाल नहीं उठा पाता।

 

भारतियों को टारगेट

इंडिया में अधिकतर लोग इन कोर्सेस को खरीद लेते हैं, इसका सीधा तरीका है, उनके पेरेंट्स को कन्विंस कर लो तो काम वही बन जायेगा। पेरेंट्स को बताओ की आपका बेटा गरीब है, उसकी लाइफ बन जाएगी या फिर उस बेटे को ही कनवेंस कर लो।

क्योंकि इंडिया में 3 चीजें खास हैं। सबसे पहली, यहाँ दुनियाँ की सबसे ज्यादा जनसँख्या बसती है। दूसरा, यहाँ टियर 2 और टियर 3 के बच्चों का एजुकेशन रेट है ज्यादा है, और 12th  पास करें बच्चो को जॉब भी नहीं मिल रही है, लेकिन वह फिर भी अमीर बनना चाहते हैं। तीसरा, यहाँ का एजुकेशन सिस्टम, आपको केवल जॉब के लिए तैयार करता है, ना की बिजनेस के लिए। ऐसे में सब एक ही रेस में भगते रहते हैं, जहाँ पर 1-2 को छोड़ कर, सबको जॉब नहीं मिलती है। ऐसे में यहाँ पर बेरोजगारी दर ज्यादा है, लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है, और ऐसे लोगों को मैनिपुलेट करना बहुत आसान है।

 

अलग अलग पैकेज से फ़साना

जो लोग कहते है हमें इस से समझ नहीं आया हमारी कमाई नहीं हो पा रही, तो जवाब में यह कहते है, कोई बात नहीं, जिनको यह ₹3,000 वाले कोर्स से कमाई नहीं हो रही वो हमारा ₹10,000 का अपग्रेड वर्जन वाला कोर्स ले सकते है, उस से आपको ज़रूर समझ आ जाएगा। ऐसे में लोगों को लगता है, कि शायद वहाँ से मैं सीख जाऊंगा तो 10 हज़ार रूपए वाला कोर्स भी खरीद लेते है। जहाँ से भी उन्हें कुछ ख़ास पता नहीं चलता।

एक छात्र ने कहा:

“तो मैंने सोचा, यार इतनी दूर आ चुका हूं तो एक बार यह कोर्स भी ट्राई करके देख लेते हैं, शायद सक्सेस मिल जाए”

इसी तरह फिर ₹30,000, ₹50,000, 1 लाख, व्यक्ति के हिसाब से पैकेज होते है, जिन्हें कुछ लोग खरीद लेते हैं, कुछ लोग छोड़ देते हैं।

कोर्स को बेचने के बाद यह लोगों को एक्स्ट्रा सपोर्ट भी नहीं मिल रहा, की हमें यह समझाने के लिए एक सपोर्ट तो दे दो, नहीं।

 

अपने पैसे वापिस पाने के लिए अब दूसरों को बेचे कोर्स

और अंत में, इनके पास एक बड़ा अच्छा उपाय बचता है कि यदि आप हमारे बिजनेस के कोर्स से बिजनेस करना नहीं सीखे, तो यही कोर्स अब आप दूसरे लोगों को बेच दो, हम आपको कमीशन दे देंगे, तो आपके दिए गए पैसे इस तरह रिकवर हो जाएंगे।

संदीप महेश्वरी के सेशन में आये छात्र का कहना है:

“यह लोग कहते है, आप यहाँ पर आ जाओ तो बिजनेस तो सीख ही जाओगे, और बिजनेस की जगह पता है क्या होता है वहाँ पर, वो ऐसा कर देते है, कि उनका प्रोडक्ट सेल हो रहा हो, उनके प्रोडक्ट सेल करो, बस और कुछ नहीं हो रहा”

उनके कोर्स को कैसे बेचे, इसकी भी अलग से वो ट्रेनिंग दे देते हैं, कि आप स्कूल के सामने जाओ, बच्चों को बोलो, उनके पेरेंट्स के पास जा कर बोलो।

यह एक एमएलएम बिजनेस जैसा शुरू हो जाता है, की हमने आपको मूर्ख बना दिया है, यदि आपको अपने पैसे रिकवर करने हैं, तो अब आप दूसरे लोगों को मूर्ख बनाओ, तब ही आपके पैसे आ सकते हैं, इसी तरह यह लूप चलता ही रहता है, चलता ही रहता है।

 

कोई लीगल कंप्लेंट नहीं

इसके बारे में कोई लीगल कंप्लेंट नहीं होती, क्योंकि 10th-12th के बच्चे लीगल कंप्लेंट करना ढंग से जानते भी नहीं है। प्रॉपर लीगल कंप्लेंट ना होने की एक वजह यह भी है की, जो कोर्स में बताया गया है वह झूठ या गलत नहीं, लेकिन वह बहुत साधारण जानकारी होती है। लेकिन इनकी लीगल कंप्लेंट हो सकती है, जो की एक ग्रुप के तौर पर करनी होगी, जो समय के साथ हुई है, और होंगी भी।

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     लेकिन मैं आपको एक बात बता दूं, की जितने भी, जैसे भी कोर्स जैसे यूट्यूब का चैनल ही ऐसे ग्रो करें? या फिर बिजनेसमैन कैसे बने? या फिर पैसे कैसे कमायें? या जितने भी तरह की ट्रेनिंग कोर्स दी जाती है, मुझे पूरा यकीन है की, इंटरनेट या यूट्यूब पर वो सब फ्री में मौजूद है। आपको किसी भी ज्ञान को प्राप्त करने के लिए, किन्ही को घंटा पैसा देने की ज़रूरत नहीं है। अच्छे से सर्च करने पर आपको वह जानकारी फ्री में ही मिल जाएगी।

जहां भी यह कोर्स बेचे जा रहे हैं, वह एक जेनविक कोर्स होगा और उसमें कोई वैल्यू नहीं होती है। कमाल की बात तो यह है कि, टॉप की बिजनेसमैन ने कोई कोर्स या डिग्री तक नहीं की, उदाहरण के लिए स्टीव जॉब्स, मार्क जकरबर्ग, बिल गेट्स, रिचर्ड बेडसन या फिर हेनरी फोर्ड और अनंत संख्या है, जिन्होंने कभी कोस डिग्री नहीं ली।

हद तो यह है की लोग पैसा कमा रहे हैं, यह बता के कि पैसा कैसे कमाएं, वाह! अगर आप यूट्यूब पर, किसी तरह का कोई भी कोर्स खरीदने जा रहे हो, लाख, हज़ार, या 500 रूपए तो छोड़ो, 50 रूपए का भी कोई कोर्स खरीदने की ज़रूरत नहीं है।


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