Emerging Technology: Fold से बनाया जा रहा है Fooled

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Emerging Technology: Fold से बनाया जा रहा है Fooled

Emerging Technology

लोगों को फोल्ड जैसे नया गैजेट खरीदने की बहुत चुल मची है जबकि यह अभी सिर्फ एक टेस्टिंग टेक्नोलॉजी है, जिसे Emerging Technology कहते हैं।

हर समय मार्केट में तीन चार Emerging Technology चलती रहती है। इसका मतलब है की वो टेक्नोलॉजी अभी इवॉल्व हो रही है। उस पर अभी भी काम चल रहा है। वह पूरी तरह डेवलप नहीं हुई है।

इसके उदाहरण है, Folding phones, Smart Ring या AI Vision Pro। ऐसे में early adopters को बेवकूफ बनाया जाता है, early adopters का मतलब जिनमें चुल होती है, प्रॉडक्ट को लॉन्च के दिन ही खरीदने की, जो की अभी Fold के साथ हो रहा है। मार्केट में OnePlus का भी फोल्ड भी आ गया है, और 13 फोल्ड पहले से ही चल रहे हैं। साथ ही और भी आ रहे हैं, जबकि ये technology अभी ठीक से तैयार भी नहीं है, अंडर डेवलपमेंट में है। कंपनी अपने रिसर्च और डेवलपमेंट का पैसा early adopters से ही ले रही हैं।

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देखो आपको लॉन्च होते वक्त gadgets या technology, जैसे fold, स्मार्ट रिंग या कोई और प्रॉडक्ट नहीं खरीदना चाहिए। कोई भी Emerging Technology को नहीं खरीदना चाहिए, क्योंकि अपने शुरुआती समय में अपने highest price और lowest quality पर होती है।

Emerging Technology: Fold से बनाया जा रहा है Fooled

  • Samsung Fold: इसका सबसे पहला उदाहरण है, 2019 में लॉन्च हुआ Fold।  पहले 1 लाख 80 हजार रूपए का था, अभी सिर्फ 80 हजार रूपए का मिल रहा है।
  • Royal FlexPai: 1 लाख रूपए का कबाड़ था वो फोन। मुझे तो वीडियो डिलीट करने का मेल भी आया था।
  • Nokia 5800 Xpress: 2008 की बात करूँ जहाँ पर नोकिया ने 5800 एक्सप्रेस, पहला अफोर्डेबल स्मार्टटच निकाला था। 18 हज़ार रूपए का था, 3MP का कैमरा, मीडियाटेक का घटिया सा प्रोसेसर और बस HD, उस same specification का फ़ोन इस वक्त केवल ₹2000 का मिल रहा है। उस वक्त ₹18,000 का फ़ोन जिंस गधे ने लिया होगा। कितना लल्लू समझ रहा होगा वो आज अपने आप को।
  • Smartwatch: 2006 में स्मार्टवॉच लॉन्च हुआ था। तब वो ₹18,000 में मिल रही थी, बकवास थी, कोई फीचर नहीं थे, और जो थे वो ढंग से काम भी नहीं कर रहे थे। और उस वक्त जिन लोगों ने खरीदा होगा वो कितने बेवकूफ रहे होंगे, जो बेवकूफ बन गए।

Emerging Technology: Fold से बनाया जा रहा है Fooled

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2. Rapid Outdating

Rapid Outdating मतलब की Emerging Technology बहुत जल्दी से outdate हो जाती है क्योंकि वो अभी भी इवॉल्व हो रही होती है। ये एक बच्चे की तरह है जो अभी तक बोलना तक ढंग से नहीं सीखी।

जैसे Fold 1 वन और Fold 2 में बहुत बड़ा अंतर था, Fold 2 काफी डेवेलप हो चुका था। Fold 2 लॉन्च होने के बाद तो Fold 1 को खरीदने वाला कोई नहीं था, और अभी भी कोई कबाड़ी भी नहीं खरीदेगा।

तो जैसे अभी आप Smart ring खरीद रहे हो, जब दूसरी generation की Smart ring आएगी, पहली generation से और बेहतर होगी। तो पहली generation की smart ring तो बेकार गई ना। तो इस ही तरह Emerging Technology तेजी से आउटडेटेड होती है।

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3. Bugs and Problems

जब Apple फ़ोन आया था तो उसमें ऐन्टीना की दिक्कत थी। बैक साइड में हाथ रख बात करने से सिग्नल नहीं आते थे।

इसी तरह शुरू शुरू में ही सैमसंग Fold 1 लॉन्च हुआ तो उसकी तो पन्नी उतारने को मना कर दिया क्योकिं उसमें धूल घुस रही थी, खराब हो रहा था। क्या घटिया फ़ोन था वो और वो तुम्हे टॉर्चर किया गया। तुमने उसकी सबसे ज्यादा कीमत दी। और तुम ही प्रॉब्लम में रहे। वाह ये तो बिल्कुल ऐसा ही है जैसे, किसी शेफ ने एक नई डिश बनायीं तुमने जल्दी से जा कर सबसे ज्यादा कीमत दे कर चखी, और वो चेक भी तुम पे कर रहा है, कि इसे खाकर तुम ज़िंदा बचोगे की या मरोगे।

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4. Poor Resale Value

कोई भी Emerging Technology बहुत तेजी से डेवलप हो रही होती है। जब आप उस गैजेट को दुबारा बेचने जाओगे, तो बिकेगा नहीं या बहुत सस्ते में बिकेगा। अगर किसी ने अभी OnePlus Fold 1 लाख 40 हजार रूपए का ले लिया और अगला OnePlus Fold जब लॉन्च होगा तो ये पुराना OnePlus Fold 40 हजार का भी नहीं बिकेगा।

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4. No market competition

Emerging Technology: Fold से बनाया जा रहा है Fooled

Emerging Technology: Fold से बनाया जा रहा है Fooled

उस टेक्नोलॉजी का मतलब कॉम्पटीशन ना होने से कीमत कंपनी ज्यादा से ज्यादा रखती है। जैसे Airtel ने ₹500 में ढ़ाई GB बेचा था। शुरू में Jio के आने के बाद अब रोज़ ₹500 में दो जीबी दे रहे हैं। कितना लूटा था उन्होंने तब भी कमा रहे थे, वो आज भी कमा रहे हैं।

कंपनी आप के पैसे से ही अपना डेवलपमेंट करती है। आप के पैसे से ही आइरन नहीं करती है और प्रॉफिट कमाते हैं।

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6. No compensation

जो Early Adopters ये नया product खरीदने के लिए आते है, उन्हें कोई compensation नहीं दिया जाता है।

जैसे Samsung Note 7 जब लॉन्च हुआ तो फट गया, और खरीदने वाले को कुछ नहीं मिला। जिन्होंने पहला iPhone लिया था या जिन्होंने पहला Samsung फ़ोन लिया था या जिन्होंने पहली LCD खरीदी थी जो ₹12,00,000 की थी, सब डेवलप हो रहे थे ओर problematic थे। इसी तरह अब आप पहली generation की Smart Ring ले रहे हैं।

ऐसा नहीं है कि तुम हमारा पहला Alexa ले रहे हो तो तुम्हें सस्ता दे दें। इन्होंने ने जो पहले ₹12,000 का ये दिया था वो अब ₹6000 का मिल रहा है। कंपेनसेशन तो मिला नहीं उन्हीं ग्राहकों को बेवकूफ बनाया गया।

ऊपर से Service नहीं मिलती। टेक्नोलॉजी डेवलप हो रही है, पार्ट्स अवेलेबल नहीं है। सर्विस सेंटर खुले भी नहीं है तो repair करवाने के लिए भागे फिर रहे हैं। चारों तरफ बस पार्ट चेंज होते हैं और उसके पैसे भी हमसे ही मुँह फाड़ के मांगते जाते है।

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7. Undetermined Usability

Undetermined Usability का मतलब की प्रॉडक्ट का पता ही नहीं है। उसका भरोसा ही नहीं है की वो लाइफ स्टाइल में आएगा या नहीं। वो प्रॉडक्ट कामयाब होगा या नहीं।

  • Google lens: जैसे लोगों ने एक ₹1,00,000 के गूगल लेन्स लिए थे तो वो तो खुद गए वो तो चला नहीं। कंपनी ना अपडेट दे रही है, ना सर्विस दे रही है।
  • Smart Glasses: फिर किसी ने स्नैपचैट के गॉगल्स लिए होंगे, कोई पूछ नहीं रहा।
  • Fold: इसी तरह Fold अभी ready नहीं है, डिस्प्ले weak है, प्लास्टिक की बनी हुई है, लाइन भी दिखती है display पर जहा से वो बंद होती है, धूल घुस जाती है, Ipx8 कह तो देते हैं लेकिन क्या खराब हो जाता है? 10 महीने टिक नहीं रहे। Aspect ratio भी अजीब सा चकोर है, जब आप यूट्यूब खोलोगे तो ऊपर भी काला बार नीचे भी काला बार, इंस्टाग्राम, ट्विटर सब अजीब खुल रहा है। बैटरी कॉंप्रमाइज़ है। वो मत लो, कम से कम साल 2024 में तो बिलकुल मत लो या जब तक आधे रेट में ना जाये ₹1,50,000 मिल रहे है ना? जल्द ही ये 60 से 70 हजार रूपए में मिलेंगे और इससे बेहतर मिलेंगे।

ऐसे ही Windows 8 खरीदी, गेमिंग फ़ोन खरीदे, सब के सब बेवकूफ महसूस कर रहे होंगे और करना भी चाहिए, क्या जल्दी मची है इनको?

ऐप्पल ने अब तक फोल्ड लॉन्च नहीं किया। मुझे यह बात पसंद आई कि ऐप्पल जब तक कोई टेक्नोलॉजी पर्फेक्ट नहीं हो जाती या उसमें प्रॉब्लम नहीं रहने की स्थिति नहीं हो जाती, तब तक वो लॉन्च नहीं करती। यही रीज़न है और मुझे लगता है की वो आगे भी तीन 4 साल शायद ना लॉन्च करें और ठीक भी है।

भैया स्मार्ट रिंग मत लो, फोल्ड मत लो। 2024 में Vision Pro लॉन्च होगा, उसे भी मत लेना, उससे पहले लॉन्च हो जाने दो। किसी भी टेक्नोलॉजी को 5– 7 साल लगते है, पूरी तरह develop होने में, हाइएस्ट अपडेट होने में और कम से कम कीमत में आने में, तब ही आपको खरीदना चाहिए। YouTube पर दिखाए video सिर्फ़ पैसों के लिए बनते है, उस product को बढ़िया बता देते है और तुम उनकी बातों में आ भी जाते हो। की भाई ने कहा है तो मस्त ही होगा। सब झूठ।

अब जिनके पास पैसे ज़्यादा है, उन्हें नहीं पता पैसे का क्या करना है, समझ कम है, उनको तो रहने दो। लेकिन तुम लोग कितनी मेहनत से पैसे कमाते हो ना। तो जो भी टेक्नोलॉजी इस वक्त चल रही है, अपनी हाई स्पीड और latest update पर पहुँच चुकी है, उसे खरीदना चाहिए। यही समझदारी है।

जैसे फिलहाल Fold की जगह आपको एक नॉर्मल brick वाला फ़ोन लेना चाहिए, Smart Ring की जगह आपको Smartwatch लेनी चाहिए, जो बहुत हद तक डेवलप हो चुकी है, पता नहीं है चलेगी भी या नहीं, उसे नहीं लेना चाहिए।


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