डीपफेक कितने प्रकार के होते है?

20 Min Read

Types of Deepfakes

डीपफेक के बारें में सुन कर अक्सर लोग इसका सीधा सम्बन्ध सीधा विडियो से लगते है। जबकि यह सच नहीं है। असल में डीपफेक अपने आप में एक बढ़ी टर्म है, जो की आर्टिफीसियल टेक्नोलॉजी की सहायता से, फेक कंटेंट बनाता है। जो की विडियो के साथ-साथ ऑडियो, इमेज और टेक्स्ट के फॉर्म में भी हो सकती है। चूँकि डीपफेक कई प्रकार के होते है, हमने उन को उनके माध्यम के अनुसार बाटा है।

जो की है,

  1. टेक्स्ट डीपफेक्स (Textual Deepfake)
  2. इमेज डीपफेक्स (Image Deepfake)
  3. ऑडियो डीपफेक्स (Audio Deepfake)
  4. विडियो डीपफेक्स (Video Deepfake)

 

1. Textual Deepfake क्या है?

Textual Deepfake एक ऐसी सिंथेटिक मीडिया है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके फेक या गुमराह करने वाले टेक्स्ट बनाती है। Deepfakes को बनाने के लिए मशीन लर्निंग, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, और डेटा मैनिपुलेशन जैसी अलग–अलग तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसका इस्तेमाल ज्यादातर किसी मशहूर लेखक या कवि की कृतियों की नक्ल करने या उनके तरीके तरिके या उनकी कृति को फिर से जिंदा करना है।

What is Text based Deepfake

Textual Deepfakes के प्रकार

Textual Deepfakes मुख्य रुप से 2 प्रकार के होते हैं:

1. सिंथेटिक टेक्स्ट जनरेशन:

इस प्रकार का Deepfake शून्य से टेक्स्ट बनाने में शामिल होता है, जिसमें एक मॉडल का इस्तेमाल किया जाता है जो एक बड़े कॉर्पस के रियल टेक्स्ट पर ट्रेन किया गया होता है।

इस प्रकार का Deepfake फेक न्यूज आर्टिकल, सोशल मीडिया पोस्ट, और अन्य टेक्स्ट-बेस्ड कम्युनिकेशन बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

2. टेक्स्ट मैनिपुलेशन:

इस प्रकार का Deepfake मौजूदा टेक्स्ट को मैनिपुलेट करने में शामिल होता है, ताकि यह लगे कि किसी व्यक्ति ने ही वो अपने अंदाज़ में लिखा है, जबकि उन्होंने लिखी गई चीज़ कभी देखी तक नहीं।

इस प्रकार का Deepfake नकली ईमेल मैसेज, सोशल मीडिया पोस्ट, और अन्य टेक्स्ट-बेस्ड कम्युनिकेशन बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

Textual Deepfakes के उदाहरण

यहाँ कुछ Textual Deepfakes के उदाहरण हैं:

🔍 नकली चैट: फेक चैट्स एक धोखाधड़ी की एक तरह हैं जिसमें चैट मैसेज बनाए या बदले जाते हैं ताकि वे असली दिखाई दें। इनका इस्तेमाल अलग-अलग मकसदों के लिए हो सकता है, जैसे कि मजाक, ट्रोलिंग, स्कैमिंग, या ग़लत जानकारी फैलाने के लिए। यहाँ पर आपको इस से संबंधित केस मिल जायेगा।

🔍 J.K. Rowling: 2016 में, एक टेक्स्ट डीपफेक ने “Harry Potter: Written by Artificial Intelligence” में JK Rowling के स्टाइल के हिसाब से एक नया चैप्टर लिखा है, इसके लिए उनकी पुरानी किताबों का बड़ा सा सेट इस्तेमाल हुआ था, जहां उसकी राइटिंग और स्टोरीटेलिंग को कॉपी किया गया है।

 

Textual Deepfakes कैसे AI Text Generation से अलग हैं?

Difference between Textual Deepfakes and AI Text Generation

AI Textual Generation एक बड़ा टर्म है जो किसी भी प्रकार के टेक्स्ट को शामिल करता है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बनाया गया हो। इसमें टेक्स्ट को शुरुआत से बनाने के साथ ही टेक्स्ट को मैनिपुलेट करके एक Deepfake बनाना शामिल है।

Textual Deepfakes और AI Text Generation का मुख्य अंतर यह है कि Textual Deepfakes ज्यादातर धोखाधड़ी करने के लिए डिज़ाइन किए गए होते हैं। वे इस इरादे के साथ बनाए जाते हैं कि लोगों को यकीन दिलाया जाए कि टेक्स्ट असली है, टारगेट किए गए व्यक्ति ने ही लिखे है।

तो वही दूसरी ओर, AI Text Generation, बहुत से कारणों के लिए इस्तेमाल किए जा सकते है, जैसे क्रिएटिव राइटिंग, रिसर्च, या एजुकेशन।

विशेषताTextual DeepfakesAI Text Generation
उद्देश्यधोखा देने के लिएनए और ओरिजिनल टेक्स्ट बनाने के लिए
तरीकेसिंथेटिक टेक्स्ट, टेक्स्ट मेन्युपलेशनमशीन लर्निंग, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग
एप्लीकेशनफेक न्यूज़, सोशल मीडिया मेन्युपलेशन, फिशिंगक्रिएटिव राइटिंग, रिसर्च, शिक्षा

Textual Deepfakes को कैसे पहचाने?

1. अजीब भाषा के पैटर्न की तलाश करें:

    • दोहराई या फिजूल की बातें
    • वाक्य की अप्राकृतिक बनावट
    • व्याकरण में गलती

2. लिखावट में विसंगतियों की जांच करें:

    • गलत लॉजिक लिखा होना
    • अजीब से लॉजिक
    • असंगत लहजा या शैली

3. फैक्ट-चेकिंग टूल का इस्तेमाल करें:

FactChecker.in या PIB Fact Check जैसे टूल आपको सूचना के सोर्स की जांच करने, लॉजिकल गलतियों की पहचान करने और ऐसे अन्य सोर्स ढूंढने में मदद कर सकते हैं जो सूचना की पुष्टि करते  है या रिजेक्ट करते हैं।

4. उन सोर्स के बारे में शक करें जिन्हें आप नहीं पहचानते हैं।

Is deepfake legal in Indiaक्या डीपफेक भारत में गैरकानूनी है?

2. Image Deepfake क्या है?

What is Image Deepfake

Image Deepfake एक ऐसा सिंथेटिक मीडिया है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके फेक या गुमराह करने वाले इमेजिस बनाता है। Deepfakes को बनाने के लिए मशीन लर्निंग, कंप्यूटर विजन, और डेटा मैनिपुलेशन जैसी कई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसका इस्तेमाल ज्यादातर फोटो में किसी के चेहरे को बदलने के लिए किया जाता है, किसी प्रकार के एक्सप्रेशन बदलने के लिए, या पूरी जगह ही बदल दी जाती है।

ये एक तरह से फोटोशॉप की तरह है, जिसमें आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस मौजूद है, जिस से यह काम फोटोशॉप की तुलना में कही ज्यादा आसान और जल्दी किया जा सकता है।

Image Deepfakes के प्रकार

Image Deepfakes 2 तरह के होते हैं:

1. फेस स्वैपिंग: इस प्रकार का Deepfake से एक इमेज में एक व्यक्ति के चेहरे को दूसरे व्यक्ति के चेहरे से बदला जा सकता है। इसका इस्तेमाल फेक इमेजिस बनाने के लिए किया जा सकता है, जैसे सेलेब्रिटीज, नेताओं, या कोई आम इंसान के चेहरे।

2. इमेज मैनिपुलेशन: इस प्रकार का Deepfake मौजूदा इमेज को मैनिपुलेट करने में शामिल होता है, ताकि यह लगे कि कुछ हुआ है जो असल में नहीं हुआ है। इसका इस्तेमाल फेक न्यूज इमेजेज, सोशल मीडिया मीम्स, या अन्य इमेज-बेस्ड कम्युनिकेशन बनाने के लिए किया जा सकता है।

 

Image Deepfakes के उदाहरण

यहाँ कुछ Image Deepfakes के उदाहरण हैं:

🔍 फोगाट बहने: 2023 में एक झूठी तस्वीर, जिसमें मुस्कुराती हुई विनेश फोगाट और संगीता फोगाट, दो भारतीय पहलवान जो रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के खिलाफ विरोध करते समय पुलिस की हिरासत में थी, और सोशल मीडिया पर एक फोटो डाली गई। असली तस्वीर में उनके सीरियस एक्सप्रेशन थे, फिर जिस पर डीपफेक की मदद से उन सभी के चेहरों पर स्माइल जोड़ दी गई। जिस से लोगों ने उन्हें काफी क्रिटीसाइज़ किया।

🔍 सारा तेंदुलकर: 2023 में, एक्स पर उसकी झूठी तस्वीरों से काफी परेशानी हुई है। उन्होंने एक्स से झूठे अकाउंट्स को बंद करने की मांग की है और लोगों से यकीन करने की भी अपील की है।

 

Image Deepfakes कैसे Photoshop से अलग हैं?

इमेज डीपफेक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के ज़रिए बनाए जाते हैं, जो लोगों या चीज़ों की रियलिस्टिक फ़ोटो पैदा कर सकते हैं जो हक़ीक़त में मौजूद नहीं होती या जिनमें कुछ तरह का आल्टर किया गया हो।

जबकि फ़ोटोशॉप एक ऐसा सॉफ़्टवेयर है जो इस्तेमाल करने वालों को तस्वीरें मैन्युअली एडिट करने की इजाज़त देता है। जिसमें यह अलग-अलग टूल्स और फ़िल्टर्स का इस्तेमाल किया जाता है। इमेज डीपफेक्स तस्वीरें शुरू से बना सकती हैं, इमेज डीपफेक से बनाई गई फोटो को फ़ोटोशॉप की तुलना में पहचानना ज़्यादा मुश्किल होता हैं और नुक़सानदेह भी हो सकता हैं।

फ़ोटोशॉप सिर्फ मौजूदा तस्वीरें में बदलाव कर सकता है, स्टैटिक तस्वीरों को बिलकुल अलग तरह से प्रेजेंट कर सकता है, और एडिटिंग या आर्टिफैक्ट्स के निशान छोड़ सकता है। जबकि ईमेज डीपफेक में ऐसा नहीं होता।

फीचरPhotoshopImage Deepfakes
सॉफ्टवेर टाइपरेस्टर-बेस्ड इमेज एडिटिंग साफ्टवेयरआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
मैनिपुलेट्सपिक्सेलसारी इमेजिस या विडियोज
कैपेबिलिटीजचीजें जोड़ने या हटाना, बैकग्राऊंड बदलना, रंग और रोशनी को सही करना, दाग-धब्बो को साफ करना, और मिला के तस्वीरें बनना.ऐसी विडियोज या तस्वीरें बनाए जा सकती हैं जिसे असल में नहीं किया गया।
हानि की सम्भावनामिसलीडिंग या नुकसानदेह इमेज बनाने के लिए किया जा सकता है।मिसिनफर्मेशन या किसी की रेपुटेशन खराब करने के लिए जा सकता है।

 

Image Deepfakes कैसे AI Image Generation से अलग हैं?

Difference between Image Deepfakes and AI Image Generation

AI Image Generation एक बड़ा टर्म है जो किसी भी प्रकार के इमेज को शामिल करता है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बनाया गया हो। इसमें इमेज एडिटिंग, इमेज एन्हांसमेंट, और इमेज क्रिएशन शामिल हैं।

Image Deepfakes और AI Image Generation का मुख्य अंतर यह है कि Image Deepfakes विशेष रूप से धोखाधड़ी करने के लिए डिज़ाइन किए गए होते हैं। वे इस इरादे के साथ बनाए जाते हैं कि लोगों को यकीन दिलाया जाए कि इमेज असली है। AI Image Generation, दूसरी ओर, विभिन्न उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे क्रिएटिव आर्ट, प्रोडक्ट डिजाइन, और मेडिकल इमेजिंग।

विशेषताImage DeepfakesAI Image Generation
उद्देश्यधोखा देने के लिएक्रिएटिविटी को बढ़ाने, डिजाइन, या इमेजिंग
तरीकेफेस -स्वैपिंग, इमेज मेन्युपलेशनइमेज एडीटिंग, इमेज इनहेंसमेंट, इमेज बनाने
एप्लीकेशनफेक न्यूज़, सोशल मीडिया मेन्युपलेशन, फिशिंगक्रिएटिव आर्ट, प्रोडक्ट डिजाइन, मेडिकल इमेजिंग

Image Deepfakes को कैसे पहचाने?

1. अजीब असंगतियाँ की तलाश करें:

    • चेहरे की विशेषताओं के आसपास धुंधलापन या खराबी
    • अलग बालो के पैटर्न
    • त्वचा की बनावट में असंगति

2. रौशनी और परछाई की जांच करें:

    • असंगत परछाई
    • परछाईएं जो चीज़ों से मेल नहीं खाती हैं

3. इमेज फोरेंसिक टूल का इस्तेमाल करें।

    • इसके लिए आप TinEye या Google Lens जैसे टूल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

4. ऐसी इमेज के प्रति संदिग्ध रहें जो सच होने के लिए बहुत अच्छी लगती हैं।

5. इमेज के स्रोत का सत्यापन करें:

    • रिवर्स इमेज सर्च टूल का इस्तेमाल करें।
    • इमेज के पीछे के कारण पर ध्यान दें।

 

3. Audio Deepfake क्या है?

Audio Deepfake एक ऐसा सिंथेटिक मीडिया है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके फेक या गुमराह करने वाले ऑडियो रिकॉर्डिंग्स बनाता है। Deepfakes को बनाने के लिए मशीन लर्निंग, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, और डेटा मैनिपुलेशन जैसी विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

Audio Deepfakes के प्रकार

Audio Deepfakes के दो मुख्य प्रकार हैं:

1. वॉइस क्लोनिंग: इस प्रकार का Deepfake एक टार्गेट व्यक्ति का सिंथेटिक वॉइस मॉडल बनाने में शामिल होता है, जिसमें उनके रियल ऑडियो रिकॉर्डिंग्स का एक बड़ा कॉर्पस का इस्तेमाल किया जाता है। इस वॉइस मॉडल का फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है नए ऑडियो रिकॉर्डिंग्स बनाने के लिए, जो लगते हैं कि टार्गेट व्यक्ति बोल रहा है, भले ही उन्होंने कभी वो शब्द नहीं कहे हों।

2. वॉइसप्रिंट स्वैपिंग: इस प्रकार का Deepfake एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में एक व्यक्ति की आवाज़ को दूसरे व्यक्ति की आवाज़ से बदलने में शामिल होता है। इसका इस्तेमाल फेक न्यूज स्टोरीज, सोशल मीडिया वीडियो, और दूसरे ऑडियो-बेस्ड कम्युनिकेशन बनाने के लिए किया जा सकता है।

 

Audio Deepfakes के उदाहरण

यहाँ कुछ Audio Deepfakes के उदाहरण हैं:

🔍 गाने के कवर: प्रधानमंत्री मोदी शायद इस Audio Deepfakes के सबसे बड़े शिकार है, धोनी से ले कर शिनचैन तक शायद ही किसी को छोड़ा गया हो। लगभग सब की आवाज़ में आपको गाने मिल जायेंगे।

🔍 कालिंग स्कैम: यह आज के समय में एक बढ़ी समस्या बनता जा रहा है, जहाँ आपके पास आपके किसी जान ने वाले करीबी की कॉल आती है और उनकी हुबहू आवाज़ सुनाई देती है, जो आप से किसी प्रॉब्लम में होने के कारण पैसे मांगती है। यह सब Audio Deepfakes की मदद से किया जाता है, और एक बहुत बड़ा स्कैम चल रहा है।

Audio Deepfakes को कैसे पहचाने?

1. ऑडियो में कुछ अजीब स्पीच के पैटर्न को ध्यान से सुनें जैसे:

      •  बेमेल आवाज़ का उतार-चढ़ाव और पिच
      • असामान्य पॉज और शब्दों को खींचना
      • बेमेल उच्चारण

2. बैकग्राऊंड के आवाज और ऑडियो क्वालिटी का ध्यान रखें

3. स्पीकर के बोलने के स्टाइल का बेमेल होना

4. स्पेशलाइज्ड दीपफेक डिटेक्शन टूल्स का इस्तेमाल करना

5. सनसनीखेज या अजीब दावों पर शक करें

 

4. Video Deepfake क्या है?

Video Deepfake का मतलब है कि किसी वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से फेक या गुमराह करने वाला बनाना। Deepfakes को बनाने के लिए मशीन लर्निंग, कंप्यूटर विजन, और डेटा मैनिपुलेशन जैसी विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

Video Deepfakes के प्रकार

Video Deepfakes के 6 मुख्य प्रकार हैं:

1. फेस स्वैप: इस तकनीक में वीडियो में एक व्यक्ति के चेहरे को दूसरे व्यक्ति के चेहरे से बदल दिया जाता है, जबकि बैकग्राउंड और बॉडी वैसी ही रहती है। उदाहरण के लिए, एक फेस स्वैप वीडियो Deepfake में एक सेलेब्रिटी का चेहरा एक पॉर्न एक्टर के बॉडी पर, या किसी नेता का चेहरा एक कॉमेडियन के बॉडी पर दिखाया जा सकता है।

2. फेस रीएनैक्टमेंट: इस तकनीक में एक सोर्स व्यक्ति के चेहरे के एक्सप्रेशन और हरकतों को एक टार्गेट व्यक्ति के चेहरे पर ट्रांसफर किया जाता है, जबकि टार्गेट व्यक्ति की पहचान और दिखावट को बरकरार रखा जाता है। उदाहरण के लिए, एक फेस रीएनैक्टमेंट वीडियो Deepfake में एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति की भावनाओं और इशारों को कॉपी करते हुए दिखाया जा सकता है।

3. लिप सिंक: इस तकनीक में वीडियो में एक व्यक्ति के मुंह की हरकतों को एक दिए गए ऑडियो ट्रैक के साथ मिलाया जाता है, जबकि बाकी चेहरे और बॉडी को बिना बदले रखा जाता है। उदाहरण के लिए, एक लिप सिंक वीडियो Deepfake में एक व्यक्ति को अलग भाषा में बोलते, या एक गाना गाते हुए दिखाया जा सकता है।

4. फुल बॉडी सिंथेसिस: इस तकनीक में एक दिए गए टेक्स्ट, टॉपिक, या कीवर्ड के आधार पर नया वीडियो कॉन्टेंट शुरू से बनाया जाता है। उदाहरण के लिए, एक फुल बॉडी सिंथेसिस वीडियो Deepfake में एक फेक वीडियो बनाया जा सकता है जिसमें एक व्यक्ति नाचता, खेलता, या कोई कार्य करता हुआ दिखाया जा सकता है।

5. सीन मैनिपुलेशन: इस तकनीक में वीडियो का बैकग्राउंड या कॉन्टेक्स्ट बदल दिया जाता है, जैसे लोकेशन, टाइम, या वेदर, जबकि फोरग्राउंड और एक्टर्स को वैसे ही रखा जाता है। उदाहरण के लिए, एक सीन मैनिपुलेशन वीडियो Deepfake में एक व्यक्ति को अलग देश, या अलग मौसम, या अलग समय काल में दिखाया जा सकता है।

6. एक्टिंग और जेस्चर मैनिपुलेशन: इस तकनीक में वीडियो में एक व्यक्ति के बॉडी हरकतों और पोज़ों को बदल दिया जाता है, जैसे पोस्चर, जेस्चर, या फेशियल एक्स्प्रेशन, जबकि व्यक्ति की पहचान और दिखावट को बरकरार रखा जाता है। उदाहरण के लिए, एक एक्टिंग और जेस्चर मैनिपुलेशन वीडियो Deepfake में एक व्यक्ति को एक डांस, एक खेल, या एक मार्शल आर्ट्स करते हुए दिखा सकता है।

 

Video Deepfakes के उदाहरण

Video Deepfakes के उदाहरण यहाँ कुछ Video Deepfakes के उदाहरण हैं:

🔍 रतन टाटा स्कैम: रतन टाटा के डीपफेक वीडियो को एक बेटिंग स्कैम के लिए  फेसबुक पेज पर कम से कम पांच बार ऐड के लिए पोस्ट किया गया था।

🔍 लाइव विडियो कॉल स्कैम: यह भी कॉल स्कैम की तरह ही है, बस इसनें आवाज़ के साथ आपके पहचान के व्यक्ति की लाइव विडियो भी शामिल होती है, जिस से आप लाइव इंटरेक्ट भी कर पाते है। जिस से ज्यादातर लोगों को येकीन हो जाता है की सामने वाला व्यक्ति उन के पहचान का ही है, जबकी वो असल मे स्कैमर होता है जो की Video Deepfakes तकनीक क इस्तेमाल कर रहा होता है। इसी तरह केरला के एक व्यक्ति के साथ यह स्कैम हुआ है, जहाँ उनके दोस्त के चेहरे और आवाज़ से फेक विडियो कॉल में पैसे मांगने पर उन्होंने सेंड कर दिए। इसके बारे में पढने के लिए यहाँ क्लिक करें।

🔍 एक्टर्स के फेक  वीडियो: एंटरटेनमेंट जगत मे Deep fake विडियो ने काफी तहलका मचा दिया है। अब चाहे वो आलिया भट्ट, कटरीना कैफ, काजोल या रश्मिका मन्दाना ही क्यों ना हो।

 

Video Deepfakes को कैसे पहचाने?

1. फेस के मूवमेंट और एक्सप्रेशन पर ध्यान दें

    • अस्वाभाविक तरह से पलक झपकाना
    • चेहरे के भाव मैच ना करना
    • स्किन टोन और लाइटिंग का आपस में मेल ना खाना

2. शरीर की मूवमेंट और अनुपात को भांपना

    • अजीब या झटकेदार मूवमेंट्स
    • शरीर के बेढंगे अंग
    • बेमेल कपड़े और एसेसरीज

3. ऑडियो-विज़ुअल सिंक की जाँच करें

    • होठों की मूवमेंट का मैच ना करना
    • खराब ऑडियो की क्वॉलिटी
    • ऑडियो-विडियो की अस्वाभाविक टाइमिंग

4. वीडियो के सोर्स और टॉपिक पर विचार करें

5. डीपफेक डिटेक्शन टूल्स का इस्तेमाल करें: जैसे DeepwareFakeCatcher, और Microsoft Video Authenticator


Difference between Deepfake and AI: Is deepfake only related to videosDifference between Deepfake and AI

Share this Article
Leave a comment