आखिर Wireless Charger काम कैसे करता है? 

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आखिर Wireless Charger काम कैसे करता है? 

क्या आपके मन में भी यह सवाल आया है, की आखिर ये wireless charger के पास ऐसी कौन सी शक्ति है, जो दूर से ही बिना किसी तार के डिवाइस को चार्ज कर देती है। अब केबल का तो समझ में आता है, तार घुसाई, और उसने डिवाइस को ऊर्जा देना शुरू किया। लेकिन वायरलेस चार्जर आखिर ये जादू करता कैसे है?

ग्लोबल वायरलेस चार्जिंग मार्केट 2027 तक 40.24 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2020 से 2027 तक 22.2% की CAGR से बढ़ रहा है (Allied Market Research)। यह वृद्धि स्मार्टफोन के बढ़ते चलन और फास्ट चार्जिंग और मल्टी-डिवाइस चार्जिंग जैसी सुविधाओं की लोकप्रियता से बढ़ी है।

2023 में दुनिया भर में भेजे गए 33% से ज्यादा स्मार्टफोन में वायरलेस चार्जिंग की सुविधा (Strategy Analytics). हैं। 2025 तक यह आंकड़ा 50% से ज्यादा होने की उम्मीद है।

वायरलेस चार्जर आज कल किसी भी सूरत में मिल जायेगा। ऐसे कई फर्नीचर आ रहे है, जिसमें इन–बिल्ट वायरलेस चार्जर होता है, किसे ही कार के अंदर भी यह सुविधा आने लगी है।

Wireless Charger काम कैसे करता है?

असल में, वायरलेस चार्जिंग, या इंडक्टिव चार्जिंग, चार्जिंग पैड और आपके डिवाइस के बीच बिजली ट्रांसफर करने के लिए इलेक्ट्रोमैगनेटिक फील्ड पर निर्भर करती है। इसमें दो मुख्य कंपोनेंट्स शामिल हैं: ट्रांसमीटर (चार्जिंग पैड) और रिसीवर (आपका डिवाइस)।

स्टेप 1: मैगनेटिक फील्ड बनाना

जब आपका डिवाइस वायरलेस चार्जिंग पैड पर बैठता है, तो पैड के अंदर तार का एक कॉयल एक अल्टरनेटिंग करेंट (AC) जेनरेट करता है, जो इसके चारों ओर एक मैग्नेटिक फील्ड बनाता है, जैसे एक ट्रांसफार्मर काम करता है ठीक।वैसे ही।

स्टेप 2: डिवाइस में करंट

आपके डिवाइस में तार का एक और कुंडल है। यह कॉइल चार्जिंग पैड से मैगनेटिक फील्ड उठाता है, जिससे कॉइल में एक अल्टरनेटिंग करंट (AC) उत्पन्न होती है।

स्टेप 3: अल्टरनेटिंग करंट को डायरेक्ट करंट में बदलना

रिसीवर कॉइल में मौजूद अल्टरनेटिंग करंट को एक रेक्टिफायर कंपोनेंट से डायरेक्ट करंट(DC) में परिवर्तित किया जाता है। आपके डिवाइस की बैटरी को चार्ज करने के लिए डायरेक्ट करंट की ज़रूरत होती है।

क्या वायरलेस चार्जर आपके लिए है ठीक?

(Is wireless charger worth it)

वायरलेस चार्जर होने को बहुत लुभावना लग सकता है, लेकिन क्या क्या वायरलेस चार्जर आपके लिए है ठीक? जाने…

⚡ Energy Efficiency: International Electrotechnical Commission (IEC) के 2020 के एक स्टडी में पाया गया कि ट्रांसमिशन के दौरान एनर्जी लॉस के कारण वायरलेस चार्जिंग वायर्ड चार्जिंग की तुलना में 30% कम कुशल हो सकती है। यानी यह आपके फोन को यह किसी तार वाले चार्जर की तुलना में देर से चार्ज करती है।

🔌 Charging Speed: University of California, Berkeley के 2021 के एक अध्ययन में पाया गया कि वायरलेस चार्जिंग वायर्ड चार्जिंग की तुलना में 50% तक धीमी हो सकती है, खासकर उन डिवाइस के लिए जो फास्ट चार्जिंग प्रोटोकॉल का समर्थन करते हैं।

🔋 Heat Generation: Korea Electronics Technology Institute (KETI) के 2019 के एक स्टडी में पाया गया कि वायरलेस चार्जिंग से बैटरी का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे बैटरी खराब होने की गति तेज हो सकती है।

असल में वायरलेस चार्जर ना सिर्फ किसी वायर वाले चार्जर की तुलना में कम धीमा चार्ज करता है, ना सिर्फ इसकी एनर्जी लॉस होती है, बल्कि यह आपके बैटरी की जिंदगी को भी घटा रहा है।

और क्या यह सच में वायरलेस है? यह डिवाइस सिर्फ इतनी सहूलियत देता है, की यह आप बिना कोई चार्जर लगाए फोन चार्ज पर लगा सकते है। लेकिन फिर भी इसका चार्जिंग पैड वायर से कनेक्ट करता है, जिसके केवल उप्पर डिवाइस रख कर ही इस्तेमाल किया जा सकता है, तो यह किस तरह का वायरलैस हुआ? इस से अच्छा तो केबल वाला चार्जर है, उसे इधर उधर हिला कर फोन पर काम तो किया जा सकता है।

इसीलिए बेहतर होगा, आप अपने फ़ोन की बैटरी की जिंदगी बढ़ाने, और जल्दी चार्ज कर निपटने के लिए, अपने वायर वाले चार्जर का इस्तेमाल करें। कम से कम काम पढ़ने पर आप फोन तो चला पाएंगे।


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