क्या बिंज वाचिंग एक नशा है? और यह आपके उप्पर क्या असर डालता है?

13 Min Read

Is Binge Watching an Addiction?

क्वीनलैंड में, एक कपल, अपने तीन साल की बच्ची को कार में ही भूल गए और जाके घर में नेटफ्लिक्स देखने लगे। फिर आखिरकार याद आया की बच्ची कार में ही रह गयी थी, लेकिन अफ़सोस वो बच्ची बच नहीं पाई।

मेक्सिको में, एक लड़के ने अपने दोस्त को मार दिया, क्योंकि उसने “वाकिंग डेड” नाम की सीरीज नेटफ्लिक्स पर देखी थी। उसे देख ना जाने उसको क्यों लगा, की उसका दोस्त ज़ोम्बी में बदल रहा है।

बेंगलुरु में, एक लड़का दिन-रात सिर्फ नेटफ्लिक्स पर शो देखता रहता था। जिससे उसकी आंखें सूज गई है, कमजोर हो गया और पागल सा हो गया। अब फिलहाल उसका “इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ” में इलाज चल रहा है।

पूरी video देखने के लिए यहाँ क्लिक करें।

अब आप सोच रहे होंगे की हम आपको इन लोगों की कहानियां क्यों बता रहे है? तो सिर्फ तीन कहानियां ही नहीं है, ऐसे ही जाने कितने केस है, जहां पर लोग बिंज वाचिंग या कह लें नेटफ्लिक्स डिसआर्डर से झुंझ रहे है। इसके चलते उन लोगों के स्वास्थ्य में हानिकारक प्रभाव पड़ रहा है बल्कि वो पागल तक हो रहा है और कुछ तो मर भी रहे है।

हो सकता है, आपके आसपास भी इस बीमारी से पीड़ित कई सारे ऐसे प्राणी हों, या शायद आप भी उन प्राणियों में से एक ही हो, जो एक शो के सारे एपिसोड या सीजन एक ही सीटिंग में खत्म कर देते हैं। तो चिंता ना करें, इसमें आप अकेले नहीं है।

अमेरिका में सर्वे हुआ है, जहां पर 70% 26 साल से नीचे के लोग, एक ही सिटिंग में सारे सीजन खत्म कर रहे हैं। बल्कि बीएमएस पब्लिक हेल्थ ने तो सर्वे किया है, कि 73% 18 से 26 साल के लोग 17.5 घंटे तक बिंज वाचिंग कर रहे हैं।

17.5 घंटे बहुत ज्यादा होते है, एक आईएएस बनने तक के लिए लोग केवल 14 घंटे के आस पास ही पड़ते हैं। अब पता नहीं यह बिंज वाचिंग के शिकार लोग पुरे दिन में बाकी के बचे 6.5 घंटे भी कैसे छोड़ रहे हैं? क्यों सो तो यह वैसे भी नहीं रहे।

अब आयरनी तो यह है की वैसे ही पहले से लोगों को यह शॉर्ट और रील्स देख देख कर, अटेंशन स्पैन वैसे ही शॉर्ट गया। रिपोर्ट के अनुसार, आज कल की पीढ़ी का अटेंशन स्पैन केवल 8 सेकंड तक ही रह गया है, यानी वो केवल 8 सेकंड तक ही फोकस कर सकते हैं। इस बात की जानकारी आप यहाँ क्लिक कर पढ़ सकते है। तो वही दूसरी तरफ 17 घंटे तक लोग बिंज वाचिंग कर रहे हैं।

 

बिंज वाचिंग के प्रभाव

Effects of Binge Watching

(Effects of Binge Watching)

जनरल ऑफ़ थ्रोम्बोसिस ने सर्वे किया है, कि यदि आप केवल दो घंटे भी स्ट्रीमिंग सर्विस इस्तेमाल करते हो, किसी भो मोड जैसे स्मार्टफोन, टीवी या कहीं भी, आप अगर स्क्रीन टाइम बिता रहे हो, तो इस तरह बैठे बैठे आपके शरीर में ब्लड क्लॉट बन रहे हैं, और डीवीटी हो रहा है। डीप वहन थथ्रोम्बोसिस जैसी बीमारियाँ हो रही है, जिसमें आपके पैर में सुजन हो जाती है और दर्द होता है।

चलो पैर के दर्द को तो आप एक बार इग्नोर कर दोगे, लेकिन अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने बताया है, कि जो लोग बिंज वाचिंग करते हैं उनको हार्ट अटैक भी आ रहे हैं। अब आप कहोगे अरे यार बिंज वाचिंग से हार्ट अटैक का क्या मतलब? तो जी हाँ मतलब है, बिल्कुल इनडायरेक्ट रिलेशन है। इस संगठन ने बताया है, बिंज वाचिंग करने वाले लोग सबसे पहले फिजिकल इनएक्टिव हो जाते है यानी वो अपनी जगह से हिलते तक नहीं है, बस रजाई में करवटे बदलते रहते हैं। इसके कारण उनका BMI 25% ज्यादा है और वह एक्सेसिव वहट गेन कर रहे है। जिसके कारण उनको स्ट्रोक आ रहे हैं, जो की आखिर में हार्ट अटैक का कारण बन रहा हैं।

शो में लोग इतने रम चुके हैं, कि वो इंस्टेंट फूड खाते हैं। मैगी, पॉपकॉर्न, चिप्स, तली हुई चीजें, जो फटाफट मिल जाएं। इनकी ईटिंग हैबिट बदल गई है, जिस से शरीर में अलग-अलग तरह की बीमारियां हो रही हैं।

उनको हो गया इंसोमनिया, मतलब स्लीप डेफिशियेंसी, और यह सोना चाहे भी, तो नहीं सो पाते है

10-10 साल के बच्चों तक को हार्ट अटैक आ रहे हैं, स्ट्रोक आ रहे हैं, टेक नेक जैसी बीमारियां हो रही हैं। ऐसी-ऐसी बीमारियां हो रही है, नीचे दी गयी विडियो में यह बताया गया है। 80- 80 साल के बुजुर्गों को होने वाली बीमारी, अब 15-15 साल के बच्चों को हुए जा रही हैं।

बीएमएस ऑफ पब्लिक हेल्थ सर्वे ने बताया है कि इनकी कॉग्निटिव डिक्लाइन हो रही है, सीधी भाषा में कहे तो उनका दिमाग बेकार हो रहा है। इस सारे कारणों से अर्ली डेथ हो रही है।

स्वस्थ के अलावा एक सर्वे किया गया, जिसमें जो कर्मचारी बढ़िया परफॉर्मेंस दे रहे थे, उनका दिमाग अच्छा था, उनकी और लॉजिकल थिंकिंग बढ़िया थी। उन्हें 6 महीने तक 6-7 घंटे की बिंज वाचिंग करवाई गयी, जिसके उनकी मेमोरी पर बुरा प्रभाव पड़ा, उनकी लॉजिकल थिंकिंग पर बुरा असर पड़ा। इस ही तरह लोगों के जॉब, पढ़ाई, रिलेशंस, पूरी तरह इफेक्टेड होते है।

 

बिंज वाचिंग के पीछे छिपी सयिकोलॉजी

(Physiology Behind Binge Watching)

अब ऐसा नहीं है की बिंज वाचिंग में सिर्फ आपकी गलती है। इसमें एक बड़ा हाथ नेटफ्लिक्स जैसे स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म की चालक सयिकोलॉजी का भी है। जिसे तोड़ पाना काफी मुश्किल हो सकता है। आप शायद कहो, नहीं मैं तो आज ही बिंज वाचिंग छोड़ दूंगा। लेकिन नहीं, नेटफ्लिक्स आपको छोड़ने ही नहीं देगा।

इन्होने इसे डिजिटल साईंकेड्लिक ड्रग बना दिया है, यानी यह एडिक्टेड है। यह चालाक साइकोलॉजी का इस्तेमाल करते है, जिसके कारण आप यह आदत छोड़ना भी चाहो तो छोड़ नहीं पाओगे।

तो क्या है वो सीक्रेट साइकोलॉजी?

A couple watching netflix

1. वॉल्यूम का रूल

सबसे पहले यह एक रूल तोड़ते हैं, वॉल्यूम का रूल। जो भी एपिसोड की शुरुआत या अंत में साउंड इस्तेमाल करते हैं, वह ह्यूमन अवहक साउंड होता है। उदाहरण के लिए जैसे आप सो रहे हो, लेकिन कोई तेज आवाज सुन कर नींद खुल जाती है। यही काम यह ह्यूमन अवेक साउंड इस्तेमाल करते हैं। नॉर्मल साउंड 80 डीबी का होता है लेकिन यह 128DB का होता है। किसी भी तरह का रॉक म्यूजिक, बंदूक की आवाज, या किसी और तरह का म्यूजिक बस साउंड हाई होना चाहिए जिससे यह आपके आलस को, आपकी नींद को तोड़ सके।

 

2. ऑटो प्ले बटन

दूसरा, यह ऑटो प्ले बटन को स्क्रीन पर नहीं रखते बल्कि स्क्रीन पर तो नेक्स्ट एपिसोड के बटन को रखते हैं। जो कि ठीक राइट हैंड पर रखते हैं, और सीधे हाथ पर रखने का कारण यह नहीं है, कि लोग राइट हैंडी होते हैं। असल में आपके दिमाग दो हिस्सों में बंटा होता हैं, राइट और लेफ्ट। राइट ब्रेन लॉजिकल या  मैथमेटिक नहीं होता, बल्कि राइट ब्रेन आर्टिस्टिक होता है, इमेजिनेशन वाला होता है, राइमिंग वाला होता है। जिस से यह आपको नेक्स्ट एपिसोड पर क्लिक करने के लिए प्ररित करता है। इसके अलावा कई बार आखिरी के बचे एपिसोड में नेक्स्ट एपिसोड के उप्पर यह भी दर्शाता है की सिर्फ 2 एपिसोड बचे है या सिर्फ एक, जो दर्शाता है की नेत्फ्लिक्स खुद बिंज वाचिंग को प्रोत्साहित करता है।

Netflix Next Episode Button

3. 5 सेकंड रूल

आपने देखा होगा नेक्स्ट एपिसोड का बटन 5 सेकंड के लिए प्रोसेस करता है। आपका दिमाग, 5 सेकंड में रिएक्ट करने के लिए तैयार हो जाता है। तो अब चाहे आप उस बटन पर झट से क्लिक करें या नहीं, नेक्स्ट एपिसोड अपने आप 5 सेकंड में चल ही जायेगा।

 

4. नेगेटिव इमोशन का इस्तेमाल 

यह ओने कंटेंट में 14 ह्यूमन इमोशंस में से 3 हाईएस्ट नेगेटिव इमोशंस का इस्तेमाल करते हैं। इस से अब आप कितने भी नींद में हो, कितने भी आलस में हो या कितने भी थके हुए हो, अगर आपके सामने वायलेंस, तेज आवाज, सेक्स या फिर सस्पेंस जैसी चीजें सामने आती है, तो आप सोते नहीं हो, यह आपके दिमाग को अलर्ट कर देते हैं।

 

5. क्लिफ हैंगर इफ़ेक्ट

कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा, यह सवाल शायद हर एक भारतीय के मन में बैठ गया था। यह सवाल बाहुबली 2 की सफलता क सबसे बड़ा कारण है। ऐसे ही अब सीरीज या मूवी के अंत में एक ऐसा सुस्पेंस छोड़ दिया जाता है, जिस से आप अगला एपिसोड, अगला सीजन, या मूवी का अगला पार्ट देखने के लिए उतारू हो जाते है। इसे ही Cliff Hanger Effect कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल ये स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म बखूबी करते है।

Free Apple TV Remote Control, public domain device CC0 image.

तो यह एपिसोड के शुरूआत में और विशेषकर आखिर में, कंटेंट को हाईएस्ट इंगेजिंग बनाते है। लेकिन नोटिस करने वाली बात यह है की, कि इन सरे इफेक्ट्स को इस्तेमाल करके, यह आपकी नींद को तोड़ना चाहते हैं।

नेटफ्लिक्स के CEO ने कहा है, की हमारा सबसे बड़ा कॉम्पिटिटर लोगों की नींद है, हम लोगों को सोने नहीं देना चाहते। जो की सुन ने में काफी अजीब लग सकता है। इनको केवल पैसे कमाने से मतलब है, भले ही अब आप मर भी जाओ तो शायद इनको फर्क नहीं पड़ता।

यह आपको डिजिटल साइकेडलिक दिए जा रहे हैं, जो कि एक तरह से ड्रग की तरह है, नॉर्मल ड्रग लेने से जो इफ़ेक्ट ब्रेन पर पड़ता है, वही इफेक्ट बिंज वाचिंग पर पड़ता है, वही डोपमाइन रिलीस होते है, उसी तरह का ग्रेटीफिकेशन मिलता है, और आप एडिक्टेड हो जाते हो।

इन सब से आपका खुद को बचाना बहुत ज़रूरी है। बिंज वाचिंग आपका सारा जीवन बर्बाद कर सकता है, आपकी एकेडमिक, जॉब, रीलेशन, परफॉर्मेंस को बर्बाद कर रहा है। यह आपकी सारी क्रिएटिविटी का दुश्मन है, आपके शरीर को बर्बाद कर रहा है। इस से पहले यह हालत और बिगड़े, आपको खुद ही अपना ध्यान रखना होगा, और खुद को रोकना होगा।

इसके लिए आप यह कुछ चीजें कर सकते है।

  1. सबसे पहले तो ऑटो प्ले बटन को ऑफ करें।
  2. अपने आप को डिसिप्लिन करें, की हम एक घंटे से ज्यादा यह नहीं देखेंगे। और अगर देखें भी तो फिर फिजिकल एक्टिविटी भी करेंगे।

अंत में अपनें आप से सवाल करें क्या आप भी एक बिंज वाचिंग एडिक्टेड है? अगर आप कभी-कभी एक शो शुरू से आखिर तक एक शाम मे ख़तम भी कर देते है तो आप एडिक्टेड नहीं। दिक्कत तब आती है जब उसकी वजह से आपके काम पर असर पड़ने लगता है, आप अपनी फॅमिली से दूर भाग कर नेत्फ्लिक्स देखने में लगे हो, तब आप ज़रूर इसके एडिक्टेड है, और आपको इस से निजात पाने की तुरंत आवश्यकता है।


The Ugly Truth Behind Social Media Beauty Standardsसोशल मीडिया के ब्यूटी स्टैंडर्ड्स के पीछे का बदसूरत सच

Gen Z Mental Health: How Social Media is Ruining the Lives of Gen ZGen Z Mental Health: कैसे सोशल मीडिया जेन Z की ज़िन्दगी बर्बाद कर रहा है?

Share this Article
Leave a comment