अब सिर्फ एक Digital Break ही आपको बचा सकता है

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अब सिर्फ एक Digital Break ही आपको बचा सकता है

क्या आप जानते हैं कि एवरेज व्यक्ति दिन में 10 घंटे से ज्यादा डिजिटल डिवाइस पर बिताता है? यह हमारे जगे रहने वालो घंटों से दो-तिहाई से ज्यादा है! हालांकि डिजिटल टेक्नोलॉजी के कई फायदे होते हैं, जैसे कि हमें दूसरों से कनेक्ट करना, हमें जानकारी देना, और हमें एंटरटेन करना, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी होते हैं। बहुत ज्यादा स्क्रीन टाइम हमारे स्वास्थ्य और खुशियों को अलग-अलग तरीकों से प्रभावित कर सकता है।

Digital Break एक ऐसा टाइम होता है, जब आप अपने फोन, कंप्यूटर, टैबलेट, और दूसरे डिजिटल डिवाइस से डिस्कनेक्ट करते हैं। यह आपको एनर्जी को रिचार्ज करने, फोकस सुधारने, और अपनी वेल-बीइंग को बढ़ाने में मदद कर सकता है।

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Digital Break लेने के लाभ

 

फोकस और प्रोडक्टिविटी में सुधार

LED Book Light to read in dark, don't waste your money on Kindle

डिजिटल दुनिया में रहने की एक चुनौती यह है कि हमें लगातार नोटिफिकेशन, मेसेज, ईमेल, और दूसरे डिसट्रैक्शन के साथ यात्रा करना पड़ता है। ये हमारे वर्क परफॉरमेंस और एफिशिएंसी में इंटरफियर करता हैं। 2016 में Pew Research Center के एक में पाया गया कि हर पांच में से एक कर्मचारी सोशल मीडिया के कारण काम से डिसट्रैक्ट होता है। एक Journal of Behavioral Addiction में प्रकाशित एक स्टडी में पाया कि किसी प्रॉब्लम-सोल्विंग काम करते समय अपने फोन को देखने का ब्रेक लेने से वह काम 19% ज्यादा समय लेता है और 22% कम असरशील होता है।

डिजिटल डिसट्रैक्शन को कम करने और काम पर ध्यान लगाने के लिए, Digital Break लेने से आप अपनी फोकस और प्रोडक्टिविटी को सुधार सकते हैं। यहां कुछ प्रैक्टिकल टिप्स हैं कि कैसे डिजिटल डिसट्रैक्शन को कम किया जा सकता है और कैसे वर्क प्लेस पर Digital Break लिया जा सकता है:

  • 📵 आप ऐप्स या टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं जो कुछ वेबसाइटों या ऐप्स तक पहुँच को ब्लॉक या सीमित करते हैं, जैसे कि फोन का फोकस मोड, या SelfControl
  • ⏳ आप पोमोडोरो तकनीक जैसे तरीकों का इस्तेमाल करके अपने Digital Break के लिए टाइमर सेट कर सकते हैं, जैसे कि 25 मिनट काम के बाद 5 मिनट का ब्रेक।
  • 🌅 आप अपने ज़रूरी कामों को सुबह शेड्यूल कर सकते हैं, सुबह आपके डिसट्रैक्ट होने की सम्भावना कम होती है, और उन्हें पूरा करने से पहले अपने ईमेल या सोशल मीडिया देखने से बचें।

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Attention Span और Cognitive Function को बढ़ावा देना

attention span

डिजिटल ओवरलोड का एक दूसरे बुरा परिणाम है, कि यह हमारी अटेंशन स्पैन और ज्ञान क्षमताओं को प्रभावित कर सकता है। स्टडी बताती हैं कि जब स्मार्टफोनों आया एक एवरेज व्यक्ति की अटेंशन स्पैन बहुत गिर गई है, जो की एक गोल्डफिश से भी कम है। बहुत ज्यादा स्क्रीन टाइम का नकारात्मक रूप से मेमोरी, स्टडी, और निर्णय लेने की क्षमताओं पर असर डाल सकता है।

स्टडी बताती है की एक Digital Break लेने से आप अपनी अटेंशन स्पैन और ज्ञान क्षमता को बढ़ा सकते हैं, जिससे आपके दिमाग को डिजिटल डिवाइस से दूर रह कर आराम करने और रिकवर होने का मौका मिलता।

  • 😮‍💨 आप माइंडफुल एक्सरसाइज कर सकते हैं, जैसे कि ध्यान लगाना या ब्रिथिंग, जो आपके दिमाग को शांत करने और प्रेजेंट मोमेंट के लिए आपकी अवेयरनेस को बढ़ा सकता है।
  • 📖 आप एक किताब या मैगज़ीन पढ़ सकते हैं जो आपकी इमेजिनेशन और क्रिएटिविटी को प्रेरित कर सकती है, और आपके वोकेबुलरी और समझ की क्षमता को सुधार सकती है।
  • 🎲 आप एक बोर्ड गेम सकते हैं जो आपके लॉजिक और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स को चैलेंज देती है, और आपकी याददाश्त और ध्यान को बढ़ा सकती है।

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Sleep Quality और Physical Health को बढ़ावा देना

Comparing Sleep Mode and Energy Saver Mode in Ac: Making Sense of AC Modes

हमारे स्वास्थ्य का एक ज़रूरी पहलू हमारी नींद की गुणवत्ता है। हालांकि, डिजिटल एक्सपोज़र हमारी स्लीप क्वॉलिटी पर अलग-अलग तरीकों से असर डाल सकता है। उदाहरण के लिए, डिजिटल डिवाइस से निकलने वाली नीली रोशनी, हमारी नींद के साइकिल को नियंत्रित करने वाले हार्मोन- “मेलेटोनिन” की उत्पादन को दबा सकती है। एक स्टडी में पाया गया कि, टचस्क्रीन डिवाइस के हर घंटे का इस्तेमाल, 6-36 महीने के बच्चों में, 15.6 मिनट नींद कम कम कर देता है। इसके अलावा, इसके अलावा डिजिटल डिवाइस हमारें दिमाग और हमें, एक्साईटेड और एनशियस दिखा कर जगाये राख सकता है।

  • 😴 आप नींद से कम से कम एक घंटा पहले अपने डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल न करें, या नीली रोशनी के असर को कम करने के लिए ब्लू लाइट फ़िल्टर्स या डिमर्स का इस्तेमाल करें।
  • 🎧 आप एक ऐसा बेडटाइम रूटीन बना सकते हैं, जिसमें स्क्रीन शामिल न हो, जैसे कि किताब पढ़ना, संगीत सुनना, या कुछ स्ट्रेच करना।
  • 🛌 आप अपने डिजिटल डिवाइस को अपने बेडरूम से बाहर रख सकते हैं, या उन्हें बंद या साइलेंट मोड पर रख सकते हैं, ताकि रात के दौरान उन्हें देखने की कोई इंटररप्शन या टेम्पटेशन न हो।

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Mental Health और वेल-बीइंग को सुधारना

Social media may be bad for Teen's Mental Health

डिजिटल कंजप्शन कई तरीकों से हमारे मेंटल हेल्थ और वेल-बीइंग को प्रभावित कर सकता है। उदाहरण के लिए, स्टडी ने बढ़ते हुए सोशल मीडिया के इस्तेमाल और एंजाइटी और डिप्रेशन के लक्षणों के बीच एक संबंध दिखाया है। इसमें सोशल मीडिया में तुलना, ईर्ष्या, और छूट जाने का डर (FOMO) जैसे कारण हो सकते हैं, साथ ही यह आइसोलेशन और लोनलीनेस भी पैदा कर सकते हैं। रिसर्च सुझाव देते हैं कि Digital Break लेने से तनाव को कम किया जा सकता है, मूड में सुधार हो सकता है, और वेल-बीइंग की भावनाओं को बढ़ा सकता है।

एक Computers in Human Behavior में प्रकाशित एक स्टडी में पाया गया कि. जिन पार्टिसिपेंट्स ने डिजिटल डिटॉक्स लिया, उन्होंने ज्यादा प्रेजेंट, माइंडफुल और अपने आस-पास के वातावरण से जुड़ा हुआ महसूस हुआ।

  • 🗣 आप अपने फीड को स्क्रॉल करने या उन्हें टेक्स्ट करने की बजाय उनके साथ मीनिंगफुल बातचीत और इंटरेक्शन कर सकते हैं।
  • 🍳 आप ऐसे चीज़े कर सकते है, जो आपको पसंद हैं, जैसे कि कुकिंग, गार्डेनिंग, पंटिंग, या एक इंस्ट्रुमेंट बजाना, जो आपकी क्रिएटिविटी और पैशन को व्यक्त कर सकता है, और आपको एक एकंप्लिशमेंट और संतुष्टि की भावना दे सकता है।
  • ✍️ आप उन चीजों को लिखें या कहें जिसके लोए आप थेंकफुल हैं या खुशी देते हैं, ताकि आपकी आशा और आत्मसम्मान बढ़े।.

जैसा कि आप देख सकते हैं, एक Digital Break आपके फोकस, प्रोडक्टिविटी, अटेंशन, ज्ञान, नींद, शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, और वेल-बीइंग पर सकारात्मक असर डाल सकता है। यह आपको अपने जीवन में ज्यादा ताजगी, ऊर्जा, और संतुलन महसूस करने में मदद कर सकता है। तो, आज ही एक Digital Break लेने की कोशिश करें और देखें कि यह आपकी ज़िन्दगी को कैसे बदल रहा है।


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