Paid YouTube Videos: झूठी है सारी YouTube की Unboxing और Review विडियो

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पुराने समय में एक प्रथा शुरू हुई, जहाँ पर कंपनियां लोगों को लूटने के लिए अपना एक बेकार प्रोडक्ट, जो कि वैल्यू फॉर मनी भी नहीं, बेचने के लिए सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट करती थी। जैसे कि कोई फिल्म स्टार, क्रिकेटर या चाहे कोई पॉपुलर चेहरा ही क्यों ना हो, उसके हाथ में अपना प्रोडक्ट दे देती थी। उदाहरण के लिए फ़ोन दे दिया अब बह उस से फोटो खिंचा लेते या टीवी पर बता देते कि यह फोन ले लो, और इस ही तरह लोग यह फोन ले भी लेते थे।

आज तक यही प्रथा चली आ रही है, लेकिन अब इससंबंधित यूट्यूब पर एक बड़ा स्कैम शुरू हो चुका है। आज की तारीख में एक नॉन वैल्यू फॉर मनी प्रोडक्ट को बेचने के लिए YouTube ना ही सिर्फ नुकसानदेय है बल्कि खतरनाक भी है।

कंपनियां की सेल को यूट्यूबस इनफ्लुएंसर्स प्रभावित करते हैं, ज्यादतर स्मार्टफोन और गैजेट्स में तो 70% तक प्रभावित कर रहे हैं, जबकि और वह प्रोडक्ट उतना योग्य भी नहीं है।

यहाँ हम बात कर रहें हैं, की यदि आपके पसंदिदा सेलिब्रिटी, यूट्यूबर या इनफ्लुएंसर किसी प्रोडक्ट की ऐड या उनकी अनबॉक्सिंग कर रहे हैं, या रिव्यू दे रहे हैं, तो आपको वह प्रोडक्ट उस आधार पर बिल्कुल नहीं लेने का सोचना चाहिए। क्योंकि उन्होंने बताया, इसीलिए ही नहीं कंसीडर करना चाहिए।

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YouTubers की Review Video

youtuber reviewing something

यूट्यूब पर अगर आपको कोई भी रिव्यू या अनबॉक्सिंग की वीडियो मिलती है, तो इससे पहले की आप उस पर आंखें मूंद कर यकीन कर ले यहाँ आपको कुछ बातें जाननी जरूरी है।

हो सकता है अपने जी यूट्यूब पर भाई पर आप पूरा भरोसा करते हैं, आप जानते हैं यह पहले से बढ़िया बातें बताते आ रहा है, इसको उस क्षेत्र में नॉलेज है, और डाउन टू अर्थ बंदा है। ऐसे इनफ्लुएंसर्स वक्त के साथ लोगों का भरोसा पाने में कामयाब हो जाते हैं। इसका ही फायदा यह कंपनियां उठाती है। वह अपना प्रोडक्ट इन भरोसेमंद इनफ्लुएंसर के हाथ में दे देती है और दूसरे हाथ में साथ ही कुछ पैसे भी रख देती है।

अब आपके उसे भरोसेमंद यूट्यूबर का काम है दो बुराइयों के साथ, जो की बुराइयों सी भी ना लगे, बाकी सारी सिर्फ अच्छी-अच्छी बातें बताना, जिससे लोग उस फोन को खरीदने के लिए मजबूर हो जाए और उसे कंपनी को डायरेक्ट फायदा हो।

ज्यादातर की स्मार्टफोन की दुनिया में किया जाता है। यह एक बहुत गंदा खेल बन चुका है, और बेहद खतरनाक होता जा रहा है। बहुत सारे प्रोडक्ट के नकली और बाइज्ड रिव्यू आपको मिल जाएंगे, जिन्हें आप पहचान भी नहीं पाएंगे कि वह पेड वीडियो है। यह यूट्यूबर्स चंद पैसे ले कर, उस प्रोडक्ट की इतनी बढ़ाई करेंगे, फिर चाहे वह प्रोडक्ट कितना ही घटिया या कितना ही वैल्यू फॉर मनी ना हो।

मैं यह नहीं कह रहा, की सारी यूट्यूब वीडियोस पर सारे यूट्यूबस ही झूठी वीडियो बनाते हैं। आप शायद कहें की नहीं यार, पॉपुलर यूट्यूबर्स नहीं बनाते होंगे, पर असल में पॉपुलर यूट्यूबर्स ही ऐसी विडियो बनाते हैं। कंपनी कम सब्सक्राइबर वालों को थोड़ी हायर करती है, पॉपुलर को ही हायर करती है।

लेकिन मैं यह भी नहीं कह रहा, कि 100% लोग ही पेड वीडियो बनाते हैं। ऐसा नहीं है, कुछ है, लेकिन यह भूसे में सुई ढूंढने जैसा है।

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कैसे पता लगाए की कोई विडियो पेड है?

तो कैसे पता चलेगा की आपका प्यारा भाई आपका प्यारा यूट्यूबर जो भी अनबॉक्सिंग कर रहा है, जो भी रिव्यू कर रहा है, वह वीडियो मॉनेटरी बेनिफिट के साथ बनवाई गई है?

1️⃣ नकली है लॉन्च से पहले की Review Video: सबसे पहला कोई भी स्मार्टफोन जब तक उसकी सेल लाइव नहीं हुई है, मैं लॉन्च की बात नहीं कर रहा, मैं सेल लाइव की बात कर रहा हूँ, मान लो कोई फोन 25 तारीख को लॉन्च हो गया लेकिन उसकी सेल उस दिन नहीं होती है, 10-12 दिन बाद होती है। तो उससे पहले जितनी भी वीडियो आपको रिव्यू या अनबॉक्सिंग की मिल रही है। वह पूरी तरह से पेड वीडियो और बायस्ड वीडियो है, जो मॉनेटरी बेनिफिट के साथ बनाई गई है। ऐसी वीडियो में अक्सर यह लोग सिर्फ अच्छा ही अच्छा बता कर आपको सिर्फ पुश कर रहे हैं, ताकि आप कैसे ना कैसे वह प्रोडक्ट खरीद लें।

2️⃣ डिस्क्रिप्शन में यदि लिंक मिले: जिस प्रोडक्ट को के बारे में उस वीडियो पर बताया जा रहा है, उसका लिंक अगर आपको डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाए तो बह वीडियो सिर्फ उस यूट्यूब के फायदे के लिया है, ना को आपके फायदे के लिए।

YouTube Description box

3️⃣ यूट्यूबर उस प्रोडक्ट इवेंट में मिले: जहाँ वह ब्लॉग बना रहा है, कि यहाँ फोन या प्रॉडक्ट लॉन्च किया गया है। हमने हम आ गए हैं यहाँ नाचने कूदने। इसके लिए तो उन्हें कंपनी की तरफ से पूरा पैकेज दिया जाता है, की ऐसी वीडियो बनानी है, इतने पैसे दिए जायेंगे। तो इवेंट में यदि आपको कोई यूट्यूब आपका इनफ्लुएंसर प्यारा भाई दिख रहा है। तो समझ जाएं बह वीडियो पूरी तरह पेड है।

4️⃣ सिर्फ अच्छी बातें: यदि कोई किसी प्रॉडक्ट या फोन के बारे में बहुत अच्छा ही अच्छा बता रहा है, की क्या ही बढ़िया प्रोडक्ट है, इस से बेहतरीन मैंने कुछ नहीं देखा, मैं तो कह रहा रहा हूँ इसमें कोई कमी ही नहीं है। उसकी चीज की इतनी तारीफ पूरी तरह से झूठी तारीफ है। क्योंकि कोई भी प्रोडक्ट 100% तो अच्छा नहीं हो सकता, और हो भी सकता है पर अगर कोई यूटुबर या इनफ्लुएंसर उस प्रोडक्ट का रिव्यू कर रहा है, तो उसे उस प्रॉडक्ट की अच्छी बुरी सारी बातें तो बतानी ही होगी। अब ऐसा तो नहीं है ना, कोई प्रोडक्ट सभी लोगों के लिए 100% सही हो, स्पेशली फोन तो नहीं हो सकता।

उस यूट्यूबर या इनफ्लुएंसर को बताना होगा कि, आपकी किन प्रेफरेंस के हिसाब से आपको यह प्रॉडक्ट लेना चाहिए, किन ग्राहकों या ग्रुप के लिए नहीं है, या किस रेंज में यह लेना चाहिए। यानी एक नेगेटिव एस्पेक्ट भी आपको जरूर देगा होगा। अगर वीडियो में कुछ भी नेगेटिव नहीं बोला या नेगेटिव बात को चुपके से बोला, अवॉइड कर दिया, या ज्यादा जोर नहीं डाला तो समझ लोजिए वह पूरी तरह से एक फेक वीडियो है।

तो यूट्यूब पर एक बहुत बड़ा स्कैम चल रहा है। आपका फेवरेट भाई आपके लिए फोन लता है की, यह ले ही लो, तो भईया ऐसे नहीं होता। कंपनी द्वारा इन सब वीडियो को बनवाने के लिए पैसे दिए जाते है।

यूट्यूब पर 80-90% वीडियो फेक और पेड ही है। मैं इन पेड विडियोज को फेक कहता हूँ, क्योंकि झूठी तरह से आपको कंपनी ने इन्फ्लुएंस कर दिया, उनका प्रोडक्ट लेने के लिए। आपसे सच छुपा कर सिर्फ झूठ बताया जा रहा है। इसलिए आपको ऐसे प्रोडक्ट से बचना चाहिए।

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Celebrity Endorsement

यह तो एक पुराना और खतरनाक जाल है। अगर आपका कोई फेवरेट एक्टर, एक्ट्रेस, प्लेयर कोई प्रॉडक्ट या फोन लेके आया है, तो उसे तो बिल्कुल नहीं खरीदना है।

Samsung Flip ad Alia Bhatt

1. सेलिब्रिटी उस क्षेत्र के एक्सपर्ट नहीं

इसका सबसे पहला कारण है, जिस प्रोडक्ट का वह ऐड कर रहे है, उसकी जानकारी उन्हें नही होती, बह उस प्रोडक्ट के एक्सपर्ट नहीं होते।

आलिया भट्ट एक ऐड में फ्लिप बेच रही है, अरे आलिया भट्ट बेचारी को क्या पता फ्लिप के बारे में, उसको क्या पता कि स्नेपड्रैगन का प्रोसेसर क्या होता है? या मीडियाटेक का प्रोसेसर क्या है? रैम क्या होती है? अपरचर क्या होता है? अरे! उसे देश के राष्ट्रपति के नाम तक पर तो उसने पृथ्वीराज चौहान नाम लिया था, फोन के बारे में क्या बता पाएगी, की फ्लिप ले लो बढ़िया है।

वह एक्टर्स है, एक्टिंग में अच्छे हो सकते है, प्लेयर खेलने में अच्छे हो सकते है, लेकिन किसी फोन या गैजेट को आपको कैसे रिकमेन्ड कर सकते हैं? उनके पास उस चीज के बारे में कोई ऑथेंटिक जानकारी है भी नहीं।

यह कुछ इस तरह से है की आप हलवाई से बाइक का सजेशन ले लो, कि भाई कौन सी बाइक खरीदें? ऐसा हो सकता है क्या? हलवाई से पूछो मिठाई के बारे में, एक्टर्स से पूछो एक्टिंग के बारे में, उनसे फोन का क्या लेना देना?

2. खुद वो वह प्रोडक्ट इस्तेमाल नहीं करते 

दूसरा कारण है जिस प्रोडक्ट का वह ऐड कर रहे है, वह बह इस्तेमाल तक नहीं करते, यह तो सबको पता है। आप खुद ही सोच क्या करीना कपूर या सच में अपने मुंह पर 10 रुपए का लक्स का साबुन लगाती होगी, जैसा वह ऐड में बोलती है?

2018 में अनुष्का शर्मा गूगल पिक्सल की ब्रांड एंबेसडर थी, और उन्होंने गूगल पिक्सल के ऐड का ट्वीट तक आईफोन से किया। इस ही तरह 2018 में ही, कैटरीना कैफ रेडमी Y1 का ऐड कर रहीं थी, और उन्होंने भी उसका पोस्ट आईफोन से ही किया।

यह कुछ इंटरनेशनल उदाहरण भी हैं। 2017 में Gal Gadot भी Huawei का ऐड कर रहीं थी, उन्होंने भी iPhone से ही पोस्ट कर दिया। हमारे प्यारे आयरन मेन, Robert Downey उन्होंने वन प्लस का प्रमोशन Huwei P30 से किया। मतलब जितने भी ऐड यह सिलेब्रिटी करते है, असल में उन फोन का इस्तेमाल तक नहीं करते, तो किस लिहाज से यह आपको वह फोन खरीदने के लिए प्रेरित कर रहें है?

3. हर चीज़ की ही करते है ऐड

यह सिलेब्रिटी सबकी ही ऐड कर डालते हैं, सब कुछ ही बेच डालते हैं। अमिताभ बच्चन जी बैटरी की ऐड कर रहे हैं, तो बह ही पान मसाला के भी, हाजमोला, लक्स कोजी कुछ भी नहीं छोड़ा उन्होंने। तो ऐसे व्यक्तियों के रिकमेंडेशन की क्या वैल्यू है?

अब खुद बताओ अगर आप एक डॉक्टर के पास जाओ, जिसकी एक परचून की दुकान हो, जहाँ बह मोटर भी ठीक करता हो, और साइड से वकालत भी, और पंचर भी ठीक कर देता है, और ऐसा भी नहीं बह कोई उस जगह की अकेली ही दुकान हो, तो क्या आप उस से दवाई लोगे? नहीं ना? अरे! ऐसे इंसान को डॉक्टरी के बारे में क्या पता होगा। ऐसे इंसान की रिकमेंडेशन का कोई मतलब नहीं बनता।

इनके रिकमेंडेशन की कोई वैल्यू ही नहीं है, यदि कोई इंसान कोई प्रोडक्ट इस्तेमाल भी नहीं कर रहा और आपको बता रहा है, कि यह देखो मैं बेच रहा हूँ, तो कोई भज क्यों खरीदेगा?

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यह लोग सरोगेट ऐडवर्टाइजमेंट करते हैं और इसकी कोई अकाउंटेबिलिटी भी नहीं है। सरोगेट ऐडवर्टाइजमेंट का मतलब होता है, कि एक ऐसे प्रोडक्ट का ऐड करना जो बैन है और उसे खुलेआम बेचा नहीं जा सकता। लेकिन क्लेवर्ली मिलते जुलते दिखने वाले प्रोडक्ट का ऐड कर देना।

उदाहरण के लिए, विमन पाल मसाला, अजय देवगन, शाहरुख खान और अक्षय कुमार विमल बेच रहे हैं, पर असल में बह ऐड कर रहे हैं विमल कोटेड इलायची का, जो की बैन नहीं है। लेकिन कंपनी पैकेट और ऐड में बड़ा बड़ा विमल लिख देती है, और कोटेड इलाइची को बहुत छोटा, जो की दिखता तक नहीं। और फिर कंपनी विमल नाम से पान मसाला बेच देती है।

ऐसे में लोगों को लगता है, की विमल ही मेन प्रोडक्ट है, और यह लोग पान मसाला का ऐड कर रहे हैं। और जब यह खा सकते हैं तो हम क्यों नहीं खा सकते?

अजय देवगन ने कह भी दिया था कि मुझे क्या पता कंपनी पान मसाला बेचे या कुछ और बेचे, मैं तो कोटेड इलायची की ऐड कर रहा हूँ। लेकिन अगर आपको पता है, एक कंपनी इस तरह का प्रॉडक्ट बेचती है, तो उसी की तरह दिखने वाला उनका कोई और प्रोडक्ट भी क्यों बेच रहे हो? और सरोगेट ऐडवरटाइसमेंट सब जानते हैं।

कैसे तुम खुद से प्यार करने वाली जनता के साथ धोखा कर सकते हो? और कुछ हो हो जाता है, तो इनके अकाउंटेबिलिटी तक नहीं है।

इस ही तरह सोडे के नाम पर शराब बेचना, म्यूजिक सीडी के नाम पर अपने शराब का ब्रांड बेचना सरोगेट ऐडवर्टाइजमेंट के ही उदाहरण हैं।

यामी गौतम 2012 से इस फेयर एंड लवली का ऐड कर रही है। बह काले व्यक्ति को गोरे करने की क्रीम को ही बेचे जा रहे हैं, जबकि यामी गौतम खुद पहले से गोरी हैं। और भारत में कोई क्रीम या कहीं भी कोई ऐसी क्रीम कैसे बेची जा सकती है, जो चमड़ी का रंग बदलने का दावा करती हो। चमड़ी का रंग बदला ही नहीं जा सकता, तो कोई क्रीम कैसे बदल सकती हैं।

लेकिन ऐसा ऐड कर यामी गौतम निकल गई, और उनकी कोई जवाबदेही नहीं। अब जा कर इस क्रीम का नाम ग्लो एंड लवली कर दिया दिया गया है, क्योंकि लोग अब सोशल मीडिया के जमाने में थोड़े एक्टिव हो गए हैं, कि यह रंगभेद है। इनके ऐड में काली लड़की या लड़का हमेशा हताश और असफल होगा, तो वही गोरा हमेशा खुश और सफल होगा।

हमारे प्यारे अक्षय कुमार 1998 में तो अगले सिगरेट ही बेच रहे थे। उस वक्त स्टार बन गए थे। उन्होंने ऐड पर ऐड कर सिगरेट बेची, जिससे लोगों को कैंसर हो जाता है और हुआ है, जिस से लोग मर रहे हैं। उनसे कुछ नहीं पूछा गया, और बह भी ऐड कर निकल गए और अब आ गए बॉडी फिटनेस और मार्शल आर्ट दिखने। कहां गए बह जमाने?

जैसे ही चेहरा पॉपुलर हो जाता है, अब चाहे वह स्टार हो या सेलिब्रिटी हो, खासकर की पॉपुलर इनफ्लुएंसर हो, कंपनी से पैसे लो, और और प्रॉडक्ट के बारे में बढ़िया बढ़िया बोल दो। कस्टमर को एक ऐसा प्रोडक्ट उनको बेच दो, जो उतना अच्छा था भी नहीं, जिसकी बुरी बातें तक तुमने बताई नहीं।


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