Stan Culture: Blind Following के पीछे की Psychology क्या है?

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Stan Culture: Blind Following के पीछे की Psychology क्या है?

📑 मोरक्को में, 9 साल की एक लड़की ने रोनाल्डो के बारे में एक जोक क्रैक कर दिया, जिसके बाद रोनाल्डो के फैंस ने यूज़ रे* की धमकी दी, जिस से ना सिर्फ वो उसका परिवार भी डिप्रेशन में है।

📑 अमेरिका में, डेल मुने नाम के आदमी की फैंस से झड़प में मृत्यु हो गयी।

📑 इंडिया में, एक यूट्यूबर को एक स्क्रिप्टेड शो में सामने वाले व्यक्ति ने कुछ बोल दिया जिस से उनके फैंस ने घर जाके उनकी फैमिली को मारने की धमकी देना शुरू कर दिया।

📑 कैरी अंडरवुड के फैंस ने तो यह तक कह दिया की या तो उन्हें अवार्ड दो, या हम दंगे कर देंगे।

हम इन सब किस्सों की बात कर रहे है, हम आपको स्टैन कल्चर के बारे में बताने के लिए।

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क्या है यह स्टैन कल्चर?

स्टैन कल्चर जिसे हम ओबेडिएंट फॉलोइंग (Obedient Following) या ब्लाइंड फॉलोअर (Blind Following) भी कहते हैं। जिसका मतलब है, किसी फैंडम जो की कोई भी टीम, इनफ्लुएंसर, या सेलिब्रिटी का हो सकता है, के प्रति बिना लॉजिक एक्सट्रीम बिहेव रखना या उसको ब्लाइंड फॉलो करना। अगर कोई उनके सेलेब्रिटी के बारे में विरोध करे, तो यह फेंडम उस बात को नहीं सुन पाते सुर आक्रमक हो जाते है।

जिस तरह पिछले 10 साल में सोशल मीडिया डेवलप हुआ है, उसी तरह स्टैन कल्चर एक नेक्स्ट लेवल पर पहुंच चुका है। आप रोड पर निकल कर किसी इनफ्लुएंसर या सेलिब्रिटी के विरोध में नहीं बोल भी नहीं सकते। इतना खतरनाक हो चुका है यह स्टैन कल्चर, कि आप सोशल मीडिया पर खुले में किसी व्यक्ति के बारे में अपना ओपिनियन भी नहीं दे सकते हैं। लीगल या इलीगल प्रोसीजर तो बाद की बात है, उनके फैन ही आपको मरने मारने पर उतारु हो जायेंगे। यह लोग पब्लिक प्रॉपर्टी को नष्ट कर देते हैं और दंगे भी होते हैं। ऐसे ख़तरनाक माहौल में आख़िर कोई कैसे रह सकता है।

यदि आप भी उन ही स्टैन कल्चर में से एक हैं जो अपने इन्फ्लुएंसर या सेलिब्रिटी के प्रति कुछ विरोध में सुन तक नहीं सकते। तो आपको यह जान ना बहुत ज़रूरी है की आप बेहद खतरनाक बन चुके है। आपका यह जान ना ज़रूरी है की आपके यह इन्फ्लुएंस इतने दूध के धुले हुए भी नहीं है। वो आपको यहाँ पर बेचने आए हैं और आप उनके लिए केवल एक प्रोडक्ट मात्र ही हो, इस से ज्यादा कुछ नहीं। आपसे वो किसी ना किसी रूप में सिर्फ पैसा कमाते हैं। या तो आपको वो कोई प्रोडक्ट बेचेंगे या आपको ही प्रोडक्ट बना कर बेच देंगे।

Elvish bhai meme

स्टैन कल्चर का इस्तेमाल मुख्य रूप से तीन प्रकार से किया जाता है, जो नीचे दी गयी है:

 

1. कॉन्फिडेंस ट्रिक:

A rich Influencer

शुरू-शुरू में यह सेलिब्रिटी या इन्फ्लूएन्सर किसी कंपनी के प्रोडक्ट के बारे में ऑनेस्ट ओपिनियन देते हैं, उनकी बुराइयां करते हैं, बुरा-बुरा बोलते हैं। समय के साथ आप उन पर भरोसा करने लगते है, कि यह व्यक्ति इमानदार और बहुत ही बढ़िया इन्सान है। लेकिन कुछ समय बीत जाने पर उन्हीं कंपनी की प्रोमोशन वीडियो करते हुए वो आपको मिल जायेंगे।

📑 कायला मासा नाम की इन्फ़्लुएन्सर, अपने अकाउंट के पैसों के स्क्रीनशॉट दिखाए और लोगों को भरोसा दिला दिया की, हाँ मै सचमुच में इतने पैसे कमा रही हूं। लेकिन फिर लोगों को लूटते हुए बाद में पकड़ी भी गई।

📑 चार्ल्स शोबराज नाम का व्यक्ति, विदेशियों के पर्स कटवा देता था और फिर खुद ही पकड़वा देता था। जिस से विदेशी उसको दोस्त समझने लग जाते थे और फिर वो उन्हीं को लूट लिया करता था।

कई इनफ्लुएंसर बहुत सच्चे भी होते है। लेकिन हो सकता है अभी सच दिखा कर कल को झूठ से बेवकूफ बनाने लग जाएँ। हो सकता है की असल में गरीब लाइफ स्टाइल है पर आपको अमीर दिखाये, और अमीर गरीब लाइफ स्टाइल है तो गरीब दिखाए।

📑 इसका उदाहरण है अंशा मोहन, उनकी एक गरीब लिबास में फोटो वायरल हो गई। उन्होंने इसकी वजह से काफी सारे फोलोवर्स भी अर्जित किये, लोगों को हैरानी हुई की यह कितनी खुबसूरत गरीब लड़की है। असल में वो गरीब तो थी ही नहीं, बल्कि वो एक मॉडल थी। इसके बाद अंशा को काफी सारे प्रोमोशन्स मिले जिस से उन्होंने काफी पैसे कमाए।

📑 इसी तरह काय सेनेट नाम का पॉपुलर इन्फ्लुएंस ने, सात दिन जेल में रहते हुए लाइव स्ट्रीमिंग की। उसके फेंस उसके लिए इतना हुए, जिसके बाद बोला गया की मिस्टर बीस्ट ने उनकी बेल करवा दी है। कहानी तो अच्छी थी, पर अफ़सोस झूठी थी, ना कभी जेल हुई ना कभी बेल।

📑 मलेशिया के इनफ्लुएंसर ने तो रेंट पर जेट ही ले लिया था।

📑 नाइजीरियन के इनफ्लुएंसर हश पपी, लोगों को अपनी बड़ी लाइफ स्टाइल दिखा रहा था, की मैं तो इतने पैसे कमा रहा हूँ। पर यह भी मनी लॉनडरिंग में जेल गया।

 

2. सैड फिशिंग

An Influencer is fake crying

सैड फिशिंग का मतलब है, अपने इमोशंस को एजरेट करके दिखाना, ताकि लोगों का किसी ना किसी तरह सपोर्ट मिल जाए। अब वह सपोर्ट किसी भी प्रकार का हो सकता है, इमोशनल सपोर्ट हो, फॉलोवर बढ़े,  प्रमोशनल मिल सके, या फिर पॉपुलरीटी ही क्यों ना मिल जाएँ।

📑 बैले गिब्सन ने कहा, कि मुझे कैंसर है, मेरा डायग्नोज चल रहा है। और लोगों ने भी उसके लिए फंड जमा किया। बाद में पता चला, उसे कभी कैंसर था ही नहीं, उसको कभी कैंसर का डायग्नोज हुआ ही नहीं था।

आपने देखा होगा इनफ्लुएंसर बताते हैं, जैसे मेरे ऊपर झूठा केस कर दिया, मेरे चैनल पर झूठी स्ट्राइक आ गई, मेरा चैनल बंद होने जा रहा है, वह  हाथ जोड़ने लगते हैं, रोने लग जाते हैं। कई तो बोलते है मैं चैनल बंद कर रहा हूं और उनके चैनल कभी बंद भी नहीं होता। बोलते है, मैं दुखी हूं, परेशान हूं, लेकिन असल में ऐसा नहीं है। वो सिर्फ आप लोगों को इकट्ठा करना चाहता है, जितने ज्यादा आप लूग होंगे उतने ही ज्यादा आप लॉयल फॉलोअर होंगे। परिणामवश उनको उतने ही ज्यादा प्रमोशन मिलेंगे, उतने ज्यादा तरीके से आपको आसानी से बेच सकेंगे।

वो आपको मिस इंफॉर्मेशन देते हैं, वो आपको ऐसे प्रोडक्ट बेचते हैं, जो वैल्यू फॉर मनी भी नहीं है, जिसे आप चाहते भी नहीं थे। कभी-कभी तो वो आपको नुकसानदेह प्रोडक्ट भी बेच देते हैं।

📑 3 ब्रिटिश इनफ्लुएंसर ने एक कंपनी के साथ डील की, जहां पर वो वजन कम करने के नाम पर हाइड्रोजन होमसाइड ही बेच रहे थे। डील की गई लेकिन वो उस से पहले ही पकड़े गए, जिस से काफी लोगों की जान बच गयी।

 

3. लैक ऑफ कॉग्निटिव थिंकिंग

अब यहां पर समझने वाली बात यह है कि एक इनफ्लुएंसर एक वीडियो बनाता है, आपको वो पसंद आती है और बात वही ख़तम, है ना? लेकिन आखिर कोई व्यक्ति उस इनफ्लुएंसर के प्रति मरने–मारने को कैसे तैयार हो जाता है? यहाँ पर लैक ऑफ कॉग्निटिव थिंकिंग नाम की साइकोलॉजी काम करती है।

ऐसे लोगों में तार्किक क्षमता नहीं होती, वो अपने फैसले नहीं ले सकते है। ऐसे लोगों में फैक्ट चेक करने की क्षमता नहीं होती, उनमें कॉन्फिडेंस लो होता है। इसका कारण कुछ भी हो सकता है, जैसे उनकी कोई फैमिली हिस्ट्री हो, पढ़े लिखे ना हो, कुछ ब्रेन डैमेज हो, जिस से वो साइको हो जाते हैं। सीधी भाषा में कहा जाये तो वो जनरल कैटेगरी में नहीं आते, बहुत लो IQ वाले होते हैं।

An Influencer on live video

 

4. ट्रांसफरेंस की थ्योरी

दूसरा इसमें सिगमंड फ्राइड की ट्रांसफरेंस की थ्योरी सीधे रूप से काम करती है। ट्रांसफरेंस की थ्योरी का मतलब है कि, एक व्यक्ति में किसी दूसरे व्यक्ति के इमोशंस ट्रांसफर कर देना।

उदाहरण के लिए, कई लोग बड़े भाई में अपने पिता के इमोशन ट्रांसफर कर देते हैं, आप अपने टीचर को बड़ा भाई या फादर फिगर समझने लग जाते हैं, एक लड़की अपने पति या बॉयफ्रेंड में फादर्स की क्वालिटी देखती है। तो आप भी शायद अपने इन्फ्लुएंस को बड़ा भाई, बड़ी बहिन समझने लगते हो।

कई बार लोगों को कहते देखा भी होगा, भाई है हमारा भाई। अब ठीक है, भाई है लेकिन आप तो भाई मान ही लेते हो, सारे इमोशंस उसमें ट्रांसफर कर के अटैच हो जाते हो। अब उसे कुछ भी होगा तो आप इमोशनली हर्ट होने लगते हो। लेकिन असल में इनफ्लुएंसर का आपसे कोई इमोशनल अटैचमेंट नहीं है।

 

5. स्टॉकहोम सिंड्रोम

स्टैन कल्चर का एक छोटा सा कारण स्टॉकहोम सिंड्रोम भी है, जहां पर एक होस्टेज किडनैपर से इमोशनली कनेक्ट हो जाती है। अब मैं यह नहीं कह रहा हूँ की, इनफ्लुएंसर या सेलिब्रिटी कोई किडनैपर हैं या आपका किडनैप हुआ है, बल्कि इसका मतलब एक टाइप का बाउंड है, जहां पर वो पावर में है और आपको वह ज्यादा ज्ञानी लगता है। जिस से आप उन से इमोशनली कनेक्ट होना महसूस करने लगते हो।

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तो आखिर में बात कड़वी है, पर क्या करें है सच। आप जिन सेलिब्रिटी या इन्फ्लुंसर से प्यार करते है उनके लिए आप केवल पैसा कमाने का एक माध्यम हो। वो कहेंगे आप उनके लिए ज़रूरी हो, अब जिस से पैसे कमाए जाते है वो तो ज़रूरी होता ही है ना?

आप अपने इनफ्लुएंसर को अपनी लाइफ में एक लिमिटेड वैल्यू दें, यह दिए गए पॉइंट्स को ज़रूर ध्यान में रखें।

Girl using instagram

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1. क्रिएटर की बजाय कंटेंट से करें प्यार: अगर किसी क्रिएटर ने एक कॉमेडी वीडियो, एजुकेशनल वीडियो या किसी भी प्रकार की, उस विडियो से सिखियें, ज्ञान लीजिये, हसियें बस, यही तक सिमित रहें।

अपने इमोशंस उस इनफ्लुएंसर को देने की जरूरत नहीं है। उसको भाई समझने की जरूरत नहीं है। वो सिर्फ आपको एक प्रोडक्ट इस्तेमाल करेगा, और वही करने आया है। तो आप भी उन से केवल उतना ही मतलब रखें।

उदाहरण के लिए, अगर आप किसी हलवाई के पास लड्डू खाने जाते हो, तो केवल लड्डू खाते हो ना? हलवाई को अपना दिल थोड़ी दे आते हो ना? जितना उन्होंने आपसे रिश्ता रखा है, आप भी उनसे उतना ही रिश्ता रखो।

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2. दुसरो की चॉइस की रिस्पेक्ट करें: यदि आपके इन्फ्लुएंस को कोई पसंद नहीं करता है, तो यूज़ एक्सेप्ट करें की  उसकी आलग पसंद हो सकती है। उसकी मर्जी है, आप उसपर बुरा मत मान जाओ, उस पर चप्पले लेके मत चढ़ जाओ, कि क्यों नहीं पसंद करता? रहपट नहीं मार देना, की क्या भाई कैसे नहीं पसंद करता? इतना बढ़िया तो इंसान है, अरे होगा बढ़िया, आपके लिए बढ़िया है, लेकिन जरूरी तो नहीं है सबके लिए बढ़िया हो। अगर आपको पसंद है तो उसे केवल अपने तक रखो।

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3. आप अथॉरिटी नहीं है: यदि आपके इनफ्लुएंसर के साथ कुछ हो गया है, जैसे इल्लीगल, दुर्घटना, प्रॉब्लम, एफआईआर कुछ भी हो हो गया है, तो आप कानून नहीं हो, आप संविधान नहीं हो, आप सरकार नहीं हो। आप इमोशनल सपोर्ट देते हुए कह सकते हो की, सब ठीक हो जाएगा, हम आपके सपोर्ट में हैं। पर यहाँ सपोर्ट का मतलब, बिना वायलेंट हुए, बिना कोई मार पिटाई करें भी सपोर्ट कर सकते हो।

ऐसा तो नहीं है कि उस परे केस हो गया जो कि अभी साबित भी नहीं हुआ, तो आप जिसने केस किया है उसको धमकियां देना शुरू कर दो। उसको पीटना शुरू कर दो नहीं।

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4. फैक्ट चेक करें: फैक्ट चेक करने की आदत डालो जो भी आपका इन्फ्लुएंस आपको बता रहा है क्रॉस चेक करने की आदत डालो। जो बोल दिया मुंह पर उसने उसे तुरंत सच मान लेना अच्छी प्रैक्टिस नहीं है।

social media influencers

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और एक बात और ध्यान रखना मेरे प्यारों, जो मैंने पहले ही बोली थी कि इनफ्लुएंसर के लिए, मेरे लिए आप बस एक पैसे कमाने के माध्यम, हो आप एक प्रोडक्ट हो। देर सवेर इनफ्लुएंसर या तो आपको कोई प्रोडक्ट बेचेगा, पैसे कमाएगा या आपको ही प्रोडक्ट बना कर वो बेच देगा। उसका रिश्ता आपसे सिर्फ एक प्रोडक्ट का है आप भी उससे रिश्ता ऐसा ही रखो आप उसके भाई मत बन जाओ उसके साथ कुछ हो गया तो ज्यादा चौधरी बनने की जरूरत नहीं है। एक इन्जोसान जो इनफ्लुएंसर बनता है, तो उसे झूठ ही बोलना पड़ेगा, वह झूठ नहीं बोलेगा तो उसका काम नहीं चलेगा।

भगवान कृष्ण का काम नहीं चला, उनकी इंटेंशन तो कितने बढ़िया थी, लेकिन उनको भी झूठ बोलना पड़ गया था। तो आपका इनफ्लुएंसर तो क्या ही सच्चा रह सकता है। और यदि आपको लगता है कि नहीं, मैं तो जिसका फैन हूं, वो तो झूठ बोल ही नहीं सकता, मैं नहीं सुन सकता उसके बारे में तो बहुत नादान हो आप।


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